Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी केंद्र बदलने की मांग पूरी नहीं, किसानों का फूटा गुस्सा, नेशनल हाइवे जाम

15

महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर किसानों ने भगतदेवरी के पास चक्काजाम कर दिया. शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दरअसल पिथौरा ब्लॉक के धान उपार्जन केन्द्र डोंगरीपाली में साल 2021-22 से धान खरीदी की जा रही थी, लेकिन इस साल उसे छोटेलोरम शिफ्ट कर दिया गया है. जिससे किसानों को खरीदी केंद्र में चार किलोमीटर दूर धान लाकर बेचने में काफी परेशानी हो रही हैं.

किसानों ने किया चक्काजाम: किसानों का कहना है कि उन्हें अब ज्यादा भाड़ा देना पड़ रहा है. समय की बर्बादी भी हो रही है. किसान रवि शंकर कश्यप और अमृत लाल बरिहा ने बताया कि पहले हमारी समस्या को शासन प्रशासन को बता दिया गया था. व्यवस्था कर समस्या खत्म करने का आश्वासन मिला था, लेकिन हमारे साथ धोखा किया जा रहा है.

अगर मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे- रवि शंकर कश्यप, किसान, महासमुंद

किसानों ने बताई परेशानी: महिला किसान सुबनैय्या गुडेक का कहना है कि 2022 से हमारे गांव में धान खरीदी केंद्र शुरू हुआ है, लेकिन अब हमारे खरीदी केंद्र को छोटे लोरम में ले जाकर धान खरीदा जा रहा है. अगर जल्द ही हमारे गांव में धान खरीदी शुरू नहीं होगी तो आगे और प्रदर्शन करेंगे.

महासमुंद जिला प्रशासन ने क्या कहा ?: वहीं मौके पर पहुंचे तहसीलदार मनीषा देवांगन ने कहा कि किसानों को समझाइश दी गई है कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा.

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत हुई है. कई जिलों में किसानों को धान खरीदी को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में महासमुंद में कब परेशानी खत्म होगी. इस पर प्रशासन का क्या रुख होता है. यह देखने वाली बात होगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.