Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: ऑनलाइन फॉर्म 6 से हटाई गई पूर्वजों से संबंधित अतिरिक्त घोषणा अक्टूबर आते ही दमघोंटू होने लगती है हवा: पॉल्यूशन बढ़ने से पहले ही दिल्ली-NCR में सिस्टम हुआ एक्टिव रबी सीजन 2027-28 के लिए 6 फसलों की MSP में बढ़ोतरी: किसानों को लागत पर मिलेगा 50% से 106% तक मुनाफा Gujarat Politics: पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला की फिर होगी कांग्रेस में वापसी? नई पार्टी का ऐलान टाला; ... Jhalawar News: मां नेत्रहीन और पिता मूकबधिर, खेत से लापता 7 वर्षीय इकलौते बेटे का कुएं में मिला शव; ... Maharashtra Cannabis Bust: सोलापुर में गन्ने के खेत से ₹1.05 करोड़ का गांजा जब्त, 12 फीट ऊंचे 240 पौ... Bihar Flood Alert: नेपाल में बारिश से गंगा-गंडक उफान पर, सारण में तटबंध टूटने से दर्जनों गांव डूबे, ... Bareilly Cyber Crime News: बरेली में साइबर ठगों का बड़ा जाल, छह वारदातों में उड़ाए लाखों; टेलीग्राम ... UP Politics: 'नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ' वाले बयान पर घिरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, बचाव में उतरे ओपी... अखिलेश यादव संग दिखे योगी के मंत्री राकेश सचान: राज्यसभा चुनाव के बीच तस्वीर ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

हिड़मा की मौत पर मनीष कुंजाम का बड़ा आरोप, कहा- ये फेक एनकाउंटर, देवजी ने रची साजिश

31

सुकमा: कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा की मौत के बाद अब बस्तर में नया विवाद खड़ा हो गया है. बस्तर राज मोर्चा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने दावा किया कि हिड़मा की मौत किसी मुठभेड़ का परिणाम नहीं, बल्कि नक्सली संगठन के भीतर सत्ता संघर्ष का हिस्सा थी. साथ ही उन्होंने इसे फेक एनकाउंटर भी बताया.

देवजी के इशारे पर हुई हत्या: कुंजाम के अनुसार, हिड़मा आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की तैयारी कर चुका था, लेकिन संगठन के शीर्ष नेताओं को यह बात स्वीकार नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया, हिड़मा का आत्मसमर्पण संगठन की शक्ति और नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा झटका होता. इसी डर और वर्चस्व की लड़ाई में देवजी के इशारे पर भीतरखाने साजिश रची गई और उसे योजनाबद्ध तरीके से खत्म कर दिया गया.

अगर यह सच्ची मुठभेड़ थी, तो अभी तक पारदर्शी सबूत और प्रत्यक्ष प्रमाण सामने क्यों नहीं आए? इस घटना की स्वतंत्र जांच कर वास्तविकता सार्वजनिक की जाए– मनीष कुंजाम, पूर्व विधायक

कुंजाम की सक्रिय माओवादियों से अपील: वहीं, कुंजाम ने जंगलों में सक्रिय माओवादी साथियों से सीधे संदेश जारी किया. कहा, देवा बारसे, ऐरा और बाकी साथियों से मेरी अपील है, हथियार छोड़ें और सुकमा में ही आत्मसमर्पण करें. आंध्रा या तेलंगाना मत जाएं. मैं पुलिस से बात करूंगा और जरूरत पड़ी तो खुद आपको लेने जंगल जाऊंगा. अब लौटने का समय है.

नक्सली संगठन ने भी जारी किया बयान: इधर, नक्सली संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने पर्चा और प्रेस नोट जारी कर दावा किया है कि हिड़मा इलाज के लिए विजयवाड़ा गया था, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गुप्त रूप से गिरफ्तार किया. हिड़मा को सरेंडर कराने की कोशिश की गई और असफल होने पर उसे और पांच और साथियों को कथित तौर पर मार दिया गया. नक्सलियों ने इस घटना को फर्जी मुठभेड़ बताया. इस हत्या के विरोध में 23 नवंबर को देशव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाने का ऐलान किया.

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. उनका दावा है कि हिड़मा की मौत एक वास्तविक मुठभेड़ का परिणाम है और यह वर्षों के अभियान की बड़ी सफलता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.