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यूएई को दरकिनार कर सऊदी ने व्हाइट हाउस में क्या किया? संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ कौन सा ‘खेल’ कर आया सऊदी, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल

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अमेरिका दौरे पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जहां रियाद के लिए कई ऐतिहासिक सौदे किए, वहीं इस विजिट के दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात का भी खेल कर दिया. व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान बिन सलमान ने सूडान गृह युद्ध रुकवाने की सिफारिश की, जिस पर ट्रंप ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने कहा कि मैं जंग रोकने की कोशिश करूंगा. सऊदी ने मुझसे इसमें दखल देने के लिए कहा है.

सूडान का आंतरिक संघर्ष अगर थम जाता है तो इसका सीधा नुकसान संयुक्त अरब अमीरात को होगा. क्योंकि सूडान गृह युद्ध से अब तक सबसे ज्यादा फायदा यूएई को ही हुआ है.

यूएई को कैसे होगा नुकसान?

सूडान का जो गृह युद्ध है, वो सूडान रैपिड फोर्स और आधिकारिक सेना के बीच है. सूडान सरकार का कहना है कि यूएई रैपिड फोर्स को हथियार मुहैया करा रही है. बदले में उसे तस्करी के जरिए सोना मिलता है. सूडान ने यूएई के खिलाफ इंटरनेशलन कोर्ट में मुकदमा भी दाखिल करवाया है.

सूडान इंटरनेशनल के मुताबिक 2024 में रैपिड फोर्स को 150 अरब दिरहम का हथियार मिला. यूएई पर इसका आरोप लगाया गया. हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात ने इससे पल्ला झाड़ लिया, लेकिन कई सबूत ऐसे आए, जिसका जवाब यूएई ने नहीं दिया.

यूएई दुनिया के बड़े देशों से हथियार खरीदकर सूडान के रैपिड फोर्स को मुहैया कराता है. इन्हीं हथियारों के सहारे रैपिड फोर्स के लड़ाके सूडान में तबाही मचाते हैं.

तस्करी के जरिए सोना मिलता है

संयुक्त अरब अमीरात को इसके बदले तस्करी के जरिए सोना मिलता है. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में तस्करी के सोना के जरिए यूएई को 7 अरब डॉलर का फायदा हुआ. सूडान में सोने का खादान है, जिसको लेकर वहां सत्ता का संघर्ष छिड़ा रहता है.

यूएई की नजर वहां के सोने पर है, जो तस्करी के जरिए उसके यहां आता है. इन्हीं सोने से यूएई की बड़ी कमाई होती है. अब सऊदी ने सूडान के गृह युद्ध में अमेरिका की एंट्री कराकर यूएई के साथ खेल कर दिया है.

ट्रंप की एंट्री से वहां पर रैपिड फोर्स की मुसीबत बढ़ सकती है. ऐसे में यूएई का दायरा भी सिमटेगा.

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