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ग्राम रोजगार सहायक संघ का धरना प्रदर्शन, सीएम के नाम सौंपा तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

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दंतेवाड़ा : ग्राम रोजगार सहायक संघ जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान चारों विकासखंडों—दंतेवाड़ा, गीदम, कटेकल्याण और बारसूर के ग्राम रोजगार सहायकों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.संघ का आरोप है कि बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कांकेर जिलों में जारी सचिव भर्ती प्रक्रिया में ग्राम रोजगार सहायकों के 20 वर्षों के अनुभव को नजरअंदाज किया जा रहा है.

सीएम के नाम सौंपा गया ज्ञापन : संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2006 से ग्राम रोजगार सहायक मनरेगा योजनाओं में लगातार काम कर रहे हैं.ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत कार्यों का गहरा अनुभव रखते हैं. कई साथी उम्रदराज हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मौजूदा सचिव भर्ती प्रक्रिया में रोजगार सहायकों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है.जिससे सीधे तौर पर हजारों रोजगार सहायकों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है. इसी मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया है.

संघ की तीन प्रमुख मांगें1. सचिव भर्ती प्रक्रिया में ग्राम रोजगार सहायकों को अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 अंक दिए जाएं.2. ग्राम रोजगार सहायकों को संविदा आदेश जारी करने की लंबित मांग को तुरंत पूरा किया जाए.3. सचिव भर्ती में रोजगार सहायकों का अनुभव व वरिष्ठता के आधार पर संविलियन (विलय) किया जाए.

धरना प्रदर्शन में शामिल महिला सचिव सरिता ने बताया कि नक्सल क्षेत्र में कार्य करना बेहद कठिन होता है.कई बार हमें नदियां-नाला पार करके मनरेगा कार्यों के साथ-साथ प्रशासन के अन्य कामों को करना पड़ता है. ऐसे में अनुभव की उपेक्षा और नई भर्ती प्रक्रिया में रोजगार सहायकों को नुकसान पहुंचाना सरासर अन्याय है- सरिता,महिला सचिव

संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाए कि कई वर्षों तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जोखिम उठाकर काम करने के बाद भी उनकी अनदेखी की जा रही है. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर होगा. इसके बाद भी सरकार मांगें पूरी नहीं करती तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा. संघ को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेगी, जिससे हजारों रोजगार सहायकों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके.

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