Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर, रतन कुर्मी के ऑर्गन्स पर होगी रिसर्च

18

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 87 साल के बुजुर्ग रतनसिंह कुर्मी के निधन के बाद मंगलवार को उनके परिजन ने उनके पार्थिव शरीर का देहदान किया. मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए देहदान किया गया है. देहदान के पुण्य कार्य के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने स्व. रतन सिंह कुर्मी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया. उनके परिवार की इच्छा थी कि स्वर्गीय रतन सिंह कुर्मी की देहदान की प्रक्रिया सम्मान के साथ संपन्न कराई जाए. तब मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने स्वयं उपस्थित होकर देहदान की प्रक्रिया गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संपन्न कराई.

पांच साल पहले कराया रजिस्ट्रेशन
स्व. रतनसिंह कुर्मी ने करीब पांच साल पहले देहदान की इच्छा अपने परिजन के सामने पेश की थी. उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिजन ने 27 अक्टूबर 2020 को ही बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में उनकी देहदान के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कराई कराया थी. उनके निधन के बाद मंगलवार को 70 घंटे के भीतर देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई.

इस खास मौके पर बुंदेलखंड मेडिकल कालेज प्रशासन ने कहा कि, स्वर्गीय रतन सिंह कुर्मी के देहदान का फैसला मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के लिए उपयोगी सिद्ध होगा. आगे आने वाली पीढ़ियां उनके दान से सीखेंगी और मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा.

पहली बार देहदान करने वाले को गार्ड ऑफ ऑनर
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने इस खास अवसर पर स्व. कुर्मी के परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि, ”समाजोपयोगी कार्य के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज हमेशा उनका और उनके परिवार का आभारी रहेगा. एनाटॉमी विभाग की तरफ से भी उनके परिवार का धन्यवाद करते हुए देहदाता को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.”

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ने जानकारी दी कि शासन के आदेश के तहत बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में ये पहला अवसर है, जब देहदान के अवसर पर गार्ड ऑफ ऑनर किया गया. स्वर्गीय रतन सिंह कुर्मी जिले के सानोधा थाना के गिरवर गांव के रहने वाले थे. उनके पुत्र सुरेश कुमार कुर्मी ने पांच साल पहले व्यक्त की गयी उनकी देहदान की इच्छा को पूरा कराया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.