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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर, रतन कुर्मी के ऑर्गन्स पर होगी रिसर्च

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सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 87 साल के बुजुर्ग रतनसिंह कुर्मी के निधन के बाद मंगलवार को उनके परिजन ने उनके पार्थिव शरीर का देहदान किया. मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए देहदान किया गया है. देहदान के पुण्य कार्य के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने स्व. रतन सिंह कुर्मी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया. उनके परिवार की इच्छा थी कि स्वर्गीय रतन सिंह कुर्मी की देहदान की प्रक्रिया सम्मान के साथ संपन्न कराई जाए. तब मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने स्वयं उपस्थित होकर देहदान की प्रक्रिया गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संपन्न कराई.

पांच साल पहले कराया रजिस्ट्रेशन
स्व. रतनसिंह कुर्मी ने करीब पांच साल पहले देहदान की इच्छा अपने परिजन के सामने पेश की थी. उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिजन ने 27 अक्टूबर 2020 को ही बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में उनकी देहदान के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कराई कराया थी. उनके निधन के बाद मंगलवार को 70 घंटे के भीतर देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई.

इस खास मौके पर बुंदेलखंड मेडिकल कालेज प्रशासन ने कहा कि, स्वर्गीय रतन सिंह कुर्मी के देहदान का फैसला मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के लिए उपयोगी सिद्ध होगा. आगे आने वाली पीढ़ियां उनके दान से सीखेंगी और मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा.

पहली बार देहदान करने वाले को गार्ड ऑफ ऑनर
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने इस खास अवसर पर स्व. कुर्मी के परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि, ”समाजोपयोगी कार्य के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज हमेशा उनका और उनके परिवार का आभारी रहेगा. एनाटॉमी विभाग की तरफ से भी उनके परिवार का धन्यवाद करते हुए देहदाता को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.”

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ने जानकारी दी कि शासन के आदेश के तहत बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में ये पहला अवसर है, जब देहदान के अवसर पर गार्ड ऑफ ऑनर किया गया. स्वर्गीय रतन सिंह कुर्मी जिले के सानोधा थाना के गिरवर गांव के रहने वाले थे. उनके पुत्र सुरेश कुमार कुर्मी ने पांच साल पहले व्यक्त की गयी उनकी देहदान की इच्छा को पूरा कराया.

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