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जबलपुर बम्बू नर्सरी पहुंचे गिरीराज सिंह, बोले: ‘लालू की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के टूटे सारे तिलिस्म’

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जबलपुर: बिहार के बेगूसराय से लोकसभा सांसद व केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह सोमवार को जबलपुर पहुंचे. यहां उन्होंने बम्बू नर्सरी में बम्बू (बांस) की खेती की खूबी और खासियत को समझा, ताकि बम्बू की खेती कर कपड़ा उद्योग को बढ़ाने और किसानों की आय के नए स्तोत्र के रूप में विकसित किया जा सके.

बम्बू नर्सरी से लालू परिवार पर साधा निशाना

सोमवार सुबह गिरिराज सिंह बम्बू की खेती को समझने के लिए दद्दा घाट तिलवारा स्तिथ अशोक भाटिया के बम्बू नर्सरी पहुंचे. जहां उन्होंने बम्बू कि सभी प्रजातियों को देखा और हर छोटी और बड़ी जानकारी को बारीकी से समझा. इस दौरान लालू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी राजनीतिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है.

बम्बू की खेती समझने के लिए नर्सरी पहुंचे केंद्रीय मंत्री

मीडिया से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि “मैं बम्बू की खेती को समझने के लिए उस व्यक्ति के पास आया हूं, जिसके पास इसका खजाना है. मैं इस बात को जानने आया हूं कि किस प्रजाति के बम्बू फाइबर के लिये इकोनॉमिकल होगा और अच्छा पैसा देगा. किसमें अधिक साल्ट मिलेगा. देश के अंदर एक मिथक था कि बम्बू का झाड़ पानी को पी जाता है और सख्त भी करता है, लेकिन सुभाष भाटिया ने इस मिथक को तोड़ दिया है.”

बम्बू फाइबर में अध्ययन

उन्होंने आगे कहा कि “मैं अभी टेक्सटाइल मंत्रालय में काम कर रहा हूं और बम्बू फाइबर में अध्ययन करना चाहता हूं. देश के अंदर कई लोग बम्बू का काम करते हैं, लेकिन मेरी नजर में बम्बू के मास्टर और उसके ज्ञाता जिनके पास 60 से 70 किस्म की प्रजातियां है, उनके पास से सारी जानकारी जुटाने आया हूं.”

प्रति एकड़ डेढ़ लाख रुपए तक कमाई

देश और दुनिया में बम्बू फाइबर पल्प के द्वारा कपड़े बनते हैं, लेकिन वह केमिकल प्रोसेस से बनते हैं. यह बम्बू फाइबर नेचुरल होता है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि “इस पर विभाग के द्वारा काम कर रहे हैं और उसी में सहायता लेने आया हूं कि बम्बू की खेती करने से किसान को कितना फायदा होगा. एक उम्मीद है कि लगभग 4 साल के बाद किसान को हर साल लगभग डेढ़ लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से फायदा होगा, क्योंकि उत्तर भारत में बंगाल से लेकर पंजाब तक जमीन में कार्बन कम हो गया है और साथ ही जमीन में एग्रीकल्चर के लिए हम नेचुरल फार्मिंग में जोर दे रहे हैं.”

बम्बू साल्ट में भारी मात्रा में मिलता है मिनरल

उन्होंने कहा कि “बिहार जैसे प्रांत में 0.5% ही जमीन में कार्बन है, यहां कौन सा बायोचार सूटेबल होगा? मैं समझना चाहता हूं, क्योंकि यहां बायोचार भी उपलब्ध है. सबसे बड़ी बात बम्बू साल्ट है, जिसका नाम सुनते थे और यूट्यूब पर देखे थे कि बम्बू साल्ट में प्रचुर मात्रा में मिनरल्स होते हैं, मुझे आज यहां आकर उसे चखने का भी मौका मिला और मैंने उसके बनने की प्रक्रिया भी देखी. दुनिया में जितने भी फिल्टर होते हैं. उनका काम एक्टिवेटेड चारकोल के बिना नहीं चल सकता है. इस तरह से बम्बू कई सेक्टर में काम देने वाला है. इतना काम कोई एक प्लांट नहीं दे सकता है.”

15 सालों तक बिहार में जंगलराज स्थापित था

बिहार विधानसभा चुनाव में जीत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कों धन्यवाद देते हुए गिरिराज सिंह नें बताया कि “इस बार के चुनाव में बिहार की जनता नें जातियता के सारे बंधनों को तोड़ दिया है. इस जातिवाद से ही लालू यादव ने 1990 लगातार 15 सालों तक बिहार में जंगल राज स्थापित किया था और जातीय विद्वेष फैलाया था. लालू कि पार्टी ने एमवाय फार्मूला मुसलमान और यादव को लेकर बनाया था और एनडीए ने माहिला और युवा को ले कर एमवाय समीकरण बनाया है. एनडीए का समीकरण देश में एक अद्भुत समीकरण साबित हुआ है. जिसके कारण एक तरह से लैंडस्लाइड विक्ट्री के रूप में जीत एनडीए को मिली है.”

लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए बोले कि यह जरूर कहूंगा कि लालू यादव के सारे तिलिस्म टूट गए हैं और लालू जी कि जो पार्टी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम करती थी. वह बैठ गई है और अब यह कंपनी उठने वाली नहीं है.

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