मुरैना: मध्य प्रदेश और मुरैना को हिला देने वाले बहुचर्चित छैरा शराब कांड में 4 साल बाद आखिरकार न्याय की दस्तक सुनाई दी है. जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की दर्दनाक मौत और 8 लोगों की रोशनी छीन लेने वाले इस भयावह हादसे में जौरा अदालत ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया. जौरा कोर्ट ने 14 आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. यह वही मामला था, जिसने 10 जनवरी 2021 को पूरे प्रदेश को दहशत और शोक में डुबो दिया था.
कोर्ट ने कहा मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध
मुरैना जिले को दहला देने वाले बहुचर्चित छैरा जहरीली शराब कांड में आखिरकार चार साल बाद न्याय की गूंज सुनाई दी. जौरा न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत रघुवंशी ने सोमवार को इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया. 14 आरोपियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई. इनमें 3 आरोपी अंतराम, खुशीलाल और रामबीर पर एक लाख 7 हजार का जुर्माना लगाया है. बाकी आरोपियों पर पर 1 लाख 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. जौरा कोर्ट ने कहा कि “जहरीली शराब बेचने का अपराध केवल गैरकानूनी नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है.”
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