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जल संरक्षण में बड़ी उपलब्धि, आज छत्तीसगढ़ को मिलेंगे तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन गौरव का दिन है. 18 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में समारोह आयोजित होने वाला है. इसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार देंगी. हर विजेता को प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी मिलेगा.

प्रदेश को तीन श्रेणियों में मिला सम्मान: केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की थी. इसमें छत्तीसगढ़ को 3 राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए अलग-अलग कैटेगरी में विजेता घोषित किया गया है.

  • राजनांदगांव जिलाज पूर्वी जोन का सर्वश्रेष्ठ जिला
  • डूमरपानी ग्राम पंचायत (कांकेर)- ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान
  • कृष्णा पब्लिक स्कूल, रायपुर- सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में पुरस्कार

यह सम्मान बताता है कि छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रहा है.- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

CM ने दी बधाई: मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के विज़न को पूरा करने में राज्य ने सराहनीय कदम उठाए हैं. राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर के उदाहरण साबित करते हैं कि जब सरकार, समाज और संस्थान मिलकर काम करते हैं, तो जल संरक्षण एक जन आंदोलन बन जाता है. उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि ऐसे मॉडल हर जिले में लागू किए जाएंगे.

राष्ट्रीय जल पुरस्कार, कब और क्यों शुरू हुए?: 2018 में लोगों को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करने और जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए इस पुरस्कार की शुरुआत हुई. अब तक इसके पांच संस्करण 2018, 2019, 2020, 2022 और 2023 हो चुके हैं. 2021 में कोविड के कारण पुरस्कार नहीं दिए गए.

751 आवेदनों में से सिर्फ 46 को मिला चयन: इस बार देशभर से 751 आवेदन आए. विशेषज्ञ समिति और केंद्रीय जल आयोग व भूजल बोर्ड की टीमों ने जमीनी जांच की. इसके बाद कुल 46 विजेताओं को विभिन्न 10 श्रेणियों में चुना गया.

जल संरक्षण, विकास और प्रबंधन को मजबूत करना इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य है. साथ ही समाज को पानी के महत्व और इसके सही उपयोग के प्रति जागरूक करना, उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित कर दूसरों को प्रेरित किया जा रहा है.

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