भोपाल: सर्दियां शुरू होने के साथ ही सिंघाड़ों की भी मांग बढ़ जाती है. सिंघाड़े को विटामिन और मिनरल्स का अच्छा स्त्रोत माना जाता है. इस वजह से लोग इसे खूब चाव से खाते हैं. राजधानी भोपाल में ही हर दिन करीबन 20 टन सिंघाड़ों की बिक्री हर रोज हो जाती है, लेकिन सिंघाड़े खरीदते समय एक सवाल मन में हमेशा उठता है कि आमतौर पर उबले हुए सिंघाड़े काले कैसे हो जाते हैं. सिंघाड़ों को काला रंग देने के लिए ऐसा खाद्य पदार्थ मिलाया जा हरा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और लोगों की सेहत पर असर डालता है, लेकिन इसके बाद भी अब तक प्रशासन इससे अंजान है.
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