सीधी : मध्य प्रदेश में एक तरफ लाड़ली बहना योजना का नाम बदला जा रहा है तो सीधी में इस योजना ने विवाद पकड़ लिया है. सीधी जनपद पंचायत के सीईओ चंदूलाल पनिका ने एक आदेश जारी कर लाड़ली बहना योजना का प्रचार करने का आदेश दिया है. आदेश के तहत पंचायत क्षेत्र के मकानों पर सरकारी योजनाओं के प्रचार हेतु नंबर प्लेट लगाई जाएं. इसके बाद मकान नंबर की प्लेट में लाड़ली बहना योजना का प्रचार शुरू किया गया.
दो माह पहले जनपद सीईओ ने जारी किया आदेश
जनपद पंचायत सीधी कार्यालय द्वारा 10 सितंबर 2025 को जारी आदेश क्रमांक 4978/ज.पं./सचिव शाखा/2025 में ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए थे कि स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्कूल चलो अभियान जैसी योजनाओं के प्रचार के लिए हर मकान पर नंबर प्लेट लगवाएं. नंबर प्लेट की कीमत ₹50 निर्धारित की गई थी और यह भी उल्लेख किया गया था कि मकान मालिक को राशि की रसीद दी जाएगी.

गांवों में मकानों पर लगने लगी नंबर प्लेट
इसके बाद गांवों में लाड़ली बहना योजना के नाम से मकानों में नंबर प्लेट लगाई जाने लगी. इस मामले को लेकर कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. वहीं, सीईओ चंदूलाल पनिका ने सफाई देते हुए कहा “आदेश पूरी तरह से सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जारी किया गया. किसी राजनीतिक दल से इसका कोई संबंध नहीं है.”
प्रशासनिक अधिकारियों को बीजेपी ने प्रचारक बनाया
इस प्रकार की नंबर प्लेट लगाने जाने की शिकायत लोगों ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता अजय सिंह ‘राहुल’ से की. अजय सिंह ने इस प्रकार के आदेश का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि “प्रशासन जनता की सेवा के लिए है, किसी राजनीतिक दल के प्रचार के लिए नहीं. भाजपा सरकार अब सरकारी कर्मचारियों से जबरन अपने राजनीतिक संदेश प्रचारित करवा रही है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है.”
पूर्व नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता अजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा “सीईओ चंदूलाल पनिका जैसे अधिकारी यदि सत्ताधारी दल के प्रचारक बनेंगे तो प्रशासन की विश्वसनीयता कैसे बचेगी? जनता के पैसे से राजनीतिक प्रचार करवाना बेहद शर्मनाक है.”
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