कफ सिरप नहीं दिया उधार! रांची में नशेड़ियों ने डॉक्टर को गला रेतकर मार डाला, ‘पत्नी चीखती रही, पर नहीं आया रहम’
झारखंड की राजधानी रांची में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां बुढ़मू थाना क्षेत्र के मतवे गांव में दो नशेड़ी युवकों ने कफ सिरप देने से इनकार करने पर ग्रामीण डॉक्टर स्वप्नन दास की गला काटकर हत्या कर दी. पुलिस ने एक आरोपी युवक वारिस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार हो गया है.
घटना रविवार की है. पश्चिम बंगाल के 24 परगना निवासी डॉक्टर स्वप्नन दास अपने किराए के मकान में क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहे थे. इस दौरान दो युवक वहां पहुंचे, जिनमें से एक वारिस अंसारी था. उसने डॉक्टर से नशे के लिए कफ सिरप मांगा. डॉक्टर ने जब सिरप देने से मना किया, तो वारिस और उसके साथी ने मिलकर धारदार हथियार से डॉक्टर का गला रेत डाला.
नशे के लिए कफ सिरप मांग रहे थे
घटना के बाद एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि वारिस अंसारी को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. ग्रामीणों के मुताबिक वारिस अंसारी अक्सर डॉक्टर के पास दवाइयां लेने आता था और नशे के लिए कफ सिरप की मांग करता था. कई बार डॉक्टर ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वारिस ने उसकी बात नहीं मानी। रविवार को जब उसे सिरप नहीं मिला, तो उसने अपनी नशे की तलब में होश खो दिए और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला.
स्वप्नन दास 10 साल से कर रहे थे ये काम
डॉक्टर स्वप्नन दास पिछले करीब दस वर्षों से रांची के मतवे गांव में रहकर ग्रामीणों का इलाज करते थे. वे इलाके में एक सुलझे और सेवा भावी चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे. उनकी हत्या से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दहशत फैल गई है. पुलिस ने आरोपी वारिस से पूछताछ शुरू कर दी है और फरार सहयोगी की तलाश में छापेमारी कर रही है.
गौरतलब है कि राजधानी रांची में इससे पहले भी मामूली विवाद में हत्या की घटना सामने आ चुकी है. अक्टूबर महीने में ही कांके थाना क्षेत्र के सेफ चौपाटी रेस्टोरेंट में वेज और नॉनवेज बिरयानी परोसने को लेकर हुए विवाद में रेस्टोरेंट संचालक विजय नाग की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक झारखंड पुलिस का निलंबित सिपाही भी शामिल था.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.