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पंजाब में बिजली बिलों को लेकर मची हाहाकार, 300 यूनिट का नहीं मिला फायदा! उपभोक्ता परेशान

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जालंधर: पावरकॉम द्वारा मीटर रीडिंग ठेके पर करवाई जाती है, पिछले समय के दौरान उक्त ठेका इंवैंटिव कंपनी के पास था लेकिन अब यह ठेका फ्यूजन नामक कंपनी को दिया गया है। उक्त कंपनी द्वारा कार्य संभालने के बाद बिलिंग सिस्टम में खामियां देखने को मिल रही है। इसी क्रम में हजारों उपभोक्ताओं को बिना रीडिंग हुए (एन कोड) वाले बिजली बिल मिले है, जोकि उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता है जिनके 300 यूनिट भी पूरे नहीं हुए थे और उन्हें हजारों रुपए का बिल भेज दिया गया। इसके चलते उपभोक्ता बिजली घरों के चक्कर लगाते हुए देखे जा सकते हैं। महानगर की विभिन्न डिवीजनों के अन्तर्गत एन.कोड वाली बिलिंग की शिकायतें लगातार सुनने में आ रही है।

पिछले कुछ हफ्तों से तापमान में गिरावट होने के बाद बिजली की खपत में भारी कमी आई है और ए.सी. का इस्तेमाल भी न के बराबर हुआ है। इसके बावजूद पावरकॉम द्वारा उपभोक्ताओं को एन.कोड के हिसाब से लंबा चौड़ा बिल भेजा दिया गया। जिन उपभोक्ताओं को एन.कोड का हजारों रुपए का बिल प्राप्त हुआ है, वह अपने मीटर से रीडिंग और पुराने बिल देखकर 300 यूनिट का हिसाब लगा रहे हैं। पंजाब में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट जबकि 2 माह में 600 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है, जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगे हैं उन्हें 1 माह का बिल मिलता है। वहीं जिन उपभोक्ताओं के अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे उन्हें 2 माह का बिल मिलता है। स्मार्ट मीटर वालों को तो रीडिंग के हिसाब से बिल मिल रहा है, लेकिन जिनके स्मार्ट मीटर नहीं लगे उन्हें सबसे अधिक परेशानी पेश आ रही है।

इसी संबंध में विभिन्न इलाकों के उपभोक्ताओं द्वारा गलत बिल बनने के बारे में शिकायतें की जा रही है। लेकिन शिकायत किए हफ्तों का समय बीत जाने के बावजूद बिल सही करने के लिए कर्मचारी मौके पर नहीं आ रहे। कई इलाकों के उपभोक्ता 1912 व अन्य माध्यमों से भी अपनी शिकायतें कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पावरकॉम अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी से निजात मिल सके। कई सीनियर सिटीजन उपभोक्ता शिकायत के लिए मौके पर नहीं जा सकते, जिसके चलते उनकी परेशानी और भी बढ़ रही है।

बिल ठीक करवाने के लिए वीडियो बनाकर जाए बिजली दफ्तर
जिन उपभोक्ताओं को एन कोड वाला बिल मिल है वह अपना बिल ठीक करवा सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपने मीटर की वीडियो बनानी होगी जिसमें रीडिंग व दूसरी जानकारी साफ दिखाई दे। वीडियो क्लीप साफ होना चाहिए, ताकि उससे रीडिंग देखी जा सके। उक्त वीडियो को संबंधित बिजली दफ्तर लेकर जाए, वहां पर बिल ठीक कर दिया जाएगा। इस संबंध में सीनियर अधिकारियों द्वारा एक्सियनों को हिदायतें जारी कर दी गई है।

300 यूनिट के हिसाब से ठीक होगा बिल: इंजी. चुटानी
पावरकॉम के सर्कल हैड व डिप्टी चीफ इंजीनियर गुलशन चुटानी ने कहा कि बनाए गए नियमों के मुताबिक 300 यूनिट बिजली को प्रतिदिन 10 यूनिट के हिसाब से गुणा किया जाता है और इसी प्रक्रिया से बिल ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं जब अगली बार बिल बनेगा तो पिछले बिल ठीक हो जाएंगे।

कंपनी को सिस्टम ‘अप-टू-डेट’ करने की हिदायतें
वहीं, पावरकॉम के अधिकारियों द्वारा बिलिंग करने वाली नई कंपनी को हिदायतें दी गई है कि वह बिलिंग सिस्टम को अप-टू-डेट करें। बताया जा रहा है कि यदि उपभोक्ताओं को एन.कोड वाले बिल मिलते है तो इसका कंपनी पर हर्जाना लगाया जाता है। ऐसे में कंपनी खुद भी नहीं चाहेगी कि उसको विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़े। अधिकारियों ने कहा कि नई कंपनी को ठेका जाने के बाद सिस्टम सामान्य होने में कुछ समय लग जाता है, इसे ठीक करवाया जा रहा है। अगले बिलों तक सब ठीक हो जाएगा।

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