Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...

दिल्ली दंगा: SC ने टाली उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई, सिब्बल का तर्क- लोकेशन पर है पूरा केस

6

दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों के मामले में आरोपी शरजील ईमाम, उमर खालिद, मीरान हैदर समेत कई लोग जेल में बंद हैं. इनकी जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई. गुल्फीशा फातिमा की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा, उन्होंने कहा कि इन्हें जेल में बंद हुए 5 साल 5 महीने हो चुके हैं. इसके अलावा कई पूरक चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी हैं. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजिरिया की बेंच इस मामले की सुनवाई की. कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर सुनवाई 3 नंवबर के तक के लिए टाल दी है.

गुल्फीशा फातिमा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा गुल्फीशा फातिमा अप्रैल 2020 से 5 साल 5 महीने से जेल में हैं. चार्जशीट 16.9.2020 को दायर की गई है. अब वे हर साल एक पूरक चार्जशीट दायर करने के लिए एक वार्षिक अनुष्ठान करते हैं. कोर्ट में सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने दावा किया कि दंगों के समय उमर दिल्ली में मौजूद ही नहीं था.

आगे कहा कि यह बाद में तय किया जाना है कि क्या इस तरह के पूरक आरोपपत्रों द्वारा जांच जारी रखी जा सकती है. सिंघवी ने कहा कि SC का कहना है कि गुल्फिशा समानता पर जमानत के हकदार हैं. सिंघवी ने कहा कि इस मामले पर विचार करने में भी बहुत देरी हो चुकी है. यह अगला मुद्दा है, वह एक महिला है, यह ध्यान दिया जाना चाहिए.

सिंघवी ने कहा कि आरोपों पर बहस जारी है और आरोप तय नहीं हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यह कब शुरू हुआ? सिंघवी ने कहा कि अक्टूबर 2024 तक 939 गवाह पेश किए गए. यहां गुण-दोष मायने नहीं रखते हैं.

दिल्ली पुलिस ने दाखिल किया था हलफनामा

दिल्ली दंगों के आरोप में जेल में बंद आरोपियों की जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की तरफ से हलफनामा दाखिल किया गया है. इसमें पुलिस की तरफ से कहा गया कि 2020 के दिल्ली दंगे कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं थे, बल्कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन करने की साजिश के तहत किए गए थे. इसका मकसद देश को कमजोर करना था. पुलिस का कहना है- इस साजिश के तहत देशभर में हिंसा फैलाने की कोशिश हुई.

हाईकोर्ट की तरफ से दिल्ली दंगों के सभी आरोपियों की पहले ही जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. कोर्ट ने कहा था कि नागरिकों द्वारा प्रदर्शनों या विरोध प्रदर्शनों की आड़ में षड्यंत्रकारी हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

दंगों के समय उमर दिल्ली में नहीं था- कपिल सिब्बल

शरजील इमाम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि अभियोजन पक्ष को जांच पूरी करने में 3 साल लग गए. 3 साल, मुकदमा आगे नहीं बढ़ सका, क्योंकि उन्होंने कहा कि जांच जारी है. इसलिए 5 में से 3 साल निकल गए.

उमर खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में 751 एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली दंगा के समय उमर खालिद दिल्ली में मौजूद ही नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर मैं वहां नही हूं, तो दंगों को इससे कैसे जोड़ा जा सकता है? 751 में से मुझे एक पक्ष बनाया गया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.