Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम

सेना का इको-फ्रेंडली मिशन: युद्ध के मैदान से पहले पर्यावरण की जंग! भारतीय सेना के बेड़े में 113 ई-बसों की एंट्री

27

भारतीय सेना ने 17 अक्टूबर 2025 को ₹130.58 करोड़ की लागत से 113 इलेक्ट्रिक बसें और 43 फास्ट चार्जर खरीदने के लिए जेबीएम ऑटो लिमिटेड (JBM Auto Ltd) के साथ एक अनुबंध पर साइन किए हैं. यह सेना द्वारा इस तरह की पहली खरीद है, जो प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) पहल के तहत स्वच्छ और हरित पर्यावरण की दिशा में एक बड़ा कदम है.

इन इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से सेना के तीनों अंगों में तकनीकी और पर्यावरणीय सुधार का नया दौर शुरू होगा. इससे फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता घटेगी और ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा.

यह खरीद बाय (इंडियन-IDDM) श्रेणी के तहत की गई है, जो भारत की स्वदेशी निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है. यह कदम न केवल रक्षा बलों को आधुनिक बनाएगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत और नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगा.

113 इलेक्ट्रिक बसें हुईं शामिल

भारतीय सेना में पहली इलेक्ट्रिक बसों की एंट्री हुई है. इससे पहले कई तरह की बसें मौजूद थीं. हालांकि वे फ्यूल पर आधारित थीं. जो बसें हाल ही में शामिल की गई हैं, ये पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं. मतलब अब फ्यूल का टेंशन खत्म होगा. इसके साथ ही पर्यावरण के लिए यह एक अच्छा कदम माना जा रहा है. यह बस 250 की माइलेज देती है. 40 सीटों वाली ये बस मुख्य रूप से मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात की जाएगी.

सेना की तरफ से उठाए जा रहे कई कदम

भारतीय सेना लगातार खुद को एडवांस करने पर जोर दे रही है. यही कारण है कि पिछले कई महीनों के भीतर सेना में कई एडवांस हथियार शामिल हुए हैं. इसके अलावा कई ऐसी परियोजनाओं पर काम भी शुरू हुआ है जिससे आने वाले समय में सेना की ताकत में काफी इजाफा होगा. पिछले दिनों सेना ने यूके से लाइट वेट मॉड्यूलर मिसाइल (LMM) सिस्टम खरीदा है. यह हल्का और आसानी से ले जाने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों समेत कहीं भी लगाया जा सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.