Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झड़ते बालों से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 8 सुपरफूड्स, तेजी से बढ़ेगी बालों की ग्रोथ मुजफ्फरपुर में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड सन्नी बाबा गिरफ्तार, 74 ... अयोध्या राम मंदिर के नए CEO की रेस तेज: 5,300 आवेदनों में से 18 शार्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को अयोध्या म... "जब तक जातिवाद रहेगा, आरक्षण जारी रहेगा": मोहन भागवत की अपील पर बसपा प्रमुख मायावती का पलटवार फतेहगढ़ साहिब में भीषण सड़क हादसा: गंगोत्री से लौट रहे कांवड़ियों को कार ने रौंदा, फरीदकोट के 3 श्रद... दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात, छठ पूजा से पूर्व शुरू होगी 6 प्रमुख शहरों के लिए ... लखनऊ में सीएम योगी के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा: 5 कालिदास मार्ग से विधानभवन तक उमड़ा जनस... JPSC-JSSC आंदोलन का 16वां दिन: आज सरकार संग अंतिम दौर की वार्ता; छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत ब... BSF Firing Amritsar: घरिंडा के BOP दाओके में BSF की फायरिंग, सीमा पार करने की कोशिश कर रहा संदिग्ध ढ... भारत में डेटा सेंटर क्रांति: 2030 तक पैदा होंगी 4.33 लाख नौकरियां, रियल एस्टेट में 19.5 करोड़ वर्ग फ...

हवन कुंड बना मौत का कारण! घी डालने के लिए झुकी महिला की ओढ़नी में लगी आग, भीषण रूप से झुलसने के बाद मौत, महाराष्ट्र में दुखद हादसा

23

महाराष्ट्र के डोंबिवली (पूर्व) के तिलकनगर में हवन कुंड में घी डालते समय एक महिला आग की लपटों में बुरी तरह झुलस गई. दो सप्ताह तक चले इलाज के बाद सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई. मृतका की पहचान सरिता निरंजन ढाका (उम्र 33 वर्ष) के रूप में हुई है. यह हादसा नवरात्रि के आठवें दिन हुआ था.

सरिता ढाका अपने पति निरंजन इंदरलाल ढाका (36) के साथ तिलकनगर स्थित शिव पैराडाइज बिल्डिंग में रहती थीं. नवरात्रि की अष्टमी के दिन बिल्डिंग परिसर में विशेष हवन पूजा का आयोजन किया गया था. इस पूजा में कई परिवार शामिल हुए थे. धार्मिक परंपरा के अनुसार, हवन कुंड में घी और धूप डालकर देवी पूजा की जा रही थी. इस दौरान सरिता ने सिर पर पतली ओढ़नी ओढ़ रखी थी और वह भी हवन कर रही थी.

आग की चपेट में आने से महिला झुलसी

इसी बीच, सरिता हवन कुंड में घी डालने के लिए झुकी. उसी समय आग की लपटें अचानक ऊपर की ओर उठीं, और सरिता के सिर पर रखी ओढ़नी को चपेट में ले लिया. थोड़ी ही देर में ओढ़नी में लगी आग उसके पूरे शरीर में फैल गई.

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और शरीर पर पानी डाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी. तुरंत डोंबिवली एमआईडीसी स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. दो सप्ताह तक इलाज जारी रहा, लेकिन सोमवार सुबह सरिता ने दम तोड़ दिया.

महिला की मौत से मचा कोहराम

वहीं, तिलकनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने इस मामले को भारतीय दंड संहिता की धारा 174 (आकस्मिक मृत्यु) के तहत दर्ज किया है. सरिता की मौत के बाद तिलकनगर में मातम छा गया है. पड़ोसी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में इस तरह के धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं की जान को खतरा न हो.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.