Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 की तारीखें घोषित: 17 फरवरी से 12वीं और 24 फरवरी से 10वीं के एग्ज... जबलपुर रेल मंडल का टिकट चेकिंग दस्ता फुल एक्शन मोड में, 4 महीने में वसूला 28 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्मा... लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: जानकीपुरम में पत्नी ने लोहे के तवे से वार कर ली पति की जान, 5 साल से चल रह... महाराष्ट्र की आश्रमशालाओं में 2 साल के भीतर 584 छात्रों की मौत, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे... भारी विरोध के बाद झुकी बार काउंसिल ऑफ इंडिया: NALSAR छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक का आदेश BCI ने लिया... अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 15 अगस्त से लागू होगा नया ड्रेस कोड, एकरूप वेशभूषा में दिखेंगे पु... राजस्थान कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, UCC और 'ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट' को मिली हरी झंडी लखनऊ के रहीमाबाद में रिश्तों और इंसानियत का कत्ल, जमीन के लालच में मृत पिता के शव का सादे कागज पर लग... कुर्ला लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई, GSI की 8 साल पुरानी चेतावनी आई सामने अंबाला कैंट NH-44 पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों के पथराव में DSP समेत 7 पुलिसकर्मी घायल, लाठीचार्ज औ...

JDU vs RJD: बाजपट्टी की जंग जहां JDU को मिली थी हार, क्या इस बार RJD को हराकर पिछली हार का बदला लेगी पार्टी?

27

बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार तारीखों के ऐलान से बहुत पहले ही शुरू हो गया था. यात्राओं और रैलियों का दौर लगातार जारी है. अभी यहां पर पहले दौर की वोटिंग के लिए नामांकन भरने का दौर चल रहा है. बिहार में 2 चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं. सीतामढ़ी जिले में दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को चुनाव कराए जाएंगे. एनडीए और महागठबंधन के बीच ही कड़ा मुकाबला है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम की मौजूदगी ने चुनाव को रोमांचक बना दिया है. सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी विधानसभा सीट पर भी कड़े संघर्ष के आसार हैं. यहां पर राष्ट्रीय जनता दल का कब्जा है.

चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार में जमकर सियासत हुई. राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाले महागठबंधन और सत्तारुढ़ एनडीए में भी सीटों को लेकर अंत तक तनातनी बनी रही. आज बुधवार जनता दल यूनाइटेड ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी. बाजपट्टी सीट पर अभी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया गया है क्योंकि यहां पर दूसरे चरण में वोटिंग कराई जानी है.

पिछले चुनाव में क्या रहा परिणाम

2020 के विधानसभा चुनाव में बाजपट्टी विधानसभा सीट पर 20 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी. महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने मुकेश कुमार यादव को खड़ा किया तो एनडीए की ओर से डॉक्टर रंजू गीता को मैदान में उतारा. दोनों के बीच मुकाबला कड़ा रहा. हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा, और महज 2,704 मतों के अंतर से मुकेश यादव को जीत मिली थी.

तब के चुनाव में इस सीट पर कुल 2,98,302 वोटर्स थे जिसमें पुरुष वोटर्स की संख्या 1,58,452 थी तो महिला वोटर्स की संख्या 1,39,850 थी, इसमें से करीब 60 फीसदी यानी 1,76,336 वोटर्स ने वोट डाले.

2020 में जीत की हैट्रिक से चूक गई जेडीयू

बाजपट्टी विधानसभा सीट का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है. परिसीमन की सिफारिश के बाद साल 2008 में यह सीट अस्तित्व में आई. फिर 2010 में यहां पर पहली बार विधानसभा के लिए चुनाव कराया गया. इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड की रंजू गीता को जीत हासिल हुई थी. रंजू ने 2015 के चुनाव में भी अपने जीत के सिलसिले को बनाए रखा था. वह जेडीयू के टिकट पर ही मैदान में उतरीं तब पार्टी बीजेपी के साथ नहीं थी , साथ में राष्ट्रीय जनता दल थी.

2020 के चुनाव में जेडीयू एनडीए के साथ आ गई थी और पार्टी के टिकट पर रंजू गीता अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरी थीं, लेकिन इस बार उन्हें नाकामी हाथ लगी. आरजेडी ने मुकेश कुमार यादव को यहां से खड़ा किया और कड़े संघर्ष के बाद वह जीत हासिल करने में कामयाब रहे.

बिहार की राजनीति में सीतामढ़ी अहम

बाजपट्टी विधानसभा सीट सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में पड़ती है. हिंदू पौराणिक मान्यताओं के आधार पर सीतामढ़ी एक पवित्र स्थल है और यहां सीताजी का जन्म हुआ था. परिसीमन के बाद बाजपट्टी सीट साल 2008 में अस्तित्व में आई थी. बाजपट्टी सीट का निर्माण बाजपट्टी और बोखरा सामुदायिक विकास खंड, के साथ-साथ नानपुर सीडी ब्लॉक के बिरार, भदियान, जानीपुर, बहेरा जाहिदपुर, डोरपुर, मझौर, रसूलगंज उर्फ ​​कोइली, नानपुर उत्तरी, नानपुर दक्षिणी, दादरी, सिरसी और गौरी ग्राम पंचायत को शामिल करके बनाया गया है.

राजनीति के लिहाज से बिहार का सीतामढ़ी जिला भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के लिए अहम जिला है. 2020 के चुनाव में एनडीए को 8 सीटों में से 6 पर जीत मिली थी. जबकि बाजपट्टी समेत 2 सीट ही महागठबंधन के खाते में आ पाई थी. अब देखना होगा कि इस बार के चुनाव में क्या जनता दल यूनाइटेड राष्ट्रीय जनता दल के हाथों अपनी पिछली हार का बदला ले पाती है या नहीं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.