Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कुर्ला लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई, GSI की 8 साल पुरानी चेतावनी आई सामने अंबाला कैंट NH-44 पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों के पथराव में DSP समेत 7 पुलिसकर्मी घायल, लाठीचार्ज औ... उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा, THDC की निर्माणाधीन टनल में घुसा पानी और मलबा; 7 मजदूरों की मौत देशभर में मानसून का कहर: 12 राज्यों में बाढ़-बारिश का संकट, यूपी के 28 जिलों और राजस्थान में भारी बा... स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर में भव्य कलश यात्रा में की वर्चुअल सहभागिता, भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... भारत के रणनीतिक 'चिकन नेक' गलियारे में बिछेगी चौथी रेल लाइन, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को मिली बड़ी मंजू... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ...

BJP ने खरगे परिवार को घेरा: बेटे ने RSS पर बैन मांगा, पिता ने कभी किया था संघ शिविर का दौरा, बयानबाजी पर गरमाई राजनीति

35

कर्नाटक में मंत्री प्रियांक खरगे द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सरकारी परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग के बाद राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. अपने पत्र में, ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने आरोप लगाया कि आरएसएस सरकारी स्कूलों, खेल के मैदानों और मंदिरों में शाखाएं और सभाएं आयोजित करके बच्चों और युवाओं में विभाजनकारी विचार फैला रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया और इन्हें असंवैधानिक और राष्ट्रीय एकता की भावना के विरुद्ध बताया.

इसके तुरंत बाद, कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वे 2002 में बेंगलुरु के नागवारा में आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जब वे राज्य के गृह मंत्री थे.

प्रियांक खरगे पर भाजपा का हमला

कर्नाटक बीजेपी की ओर से सोशल साइट पर साझा की गई तस्वीर के साथ कहा गया, आज, आप कह रहे हैं कि संघ की गतिविधियां, जो आरएसएस के खिलाफ जहर फैलाती हैं, प्रतिबंधित होनी चाहिए, लेकिन क्या आप भूल गए हैं कि 2002 में, बेंगलुरु के नागवारा में आयोजित समरसता संगम कार्यक्रम के दौरान, आपके पिता मल्लिकार्जुन खरगे, जो उस समय गृह मंत्री थे, ने व्यक्तिगत रूप से उस शिविर का दौरा किया था.

उन्होंने लिखा, आरएसएस की सामाजिक सेवा गतिविधियों की सराहना की थी और पूरा सहयोग दिया था? क्या आप आज आलाकमान को खुश करने के लिए नाटक कर रहे हैं? पहले अपने परिवार का इतिहास जानें और फिर राष्ट्र सेवकों की बात करें.

प्रियांग की मांग पर सीएम सिद्धारमैया ने कही ये बात

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रियांक खरगे ने भाजपा के दावों को “झूठा प्रचार” बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ एक शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उस स्थल पर गए थे.

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रियांक खरगे की मांग पर बागलकोट जिले के रबाकवि-बनहट्टी तालुका के बंदिगनी गांव में संवाददाताओं के सवाल पर कहा कि आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध के संबंध में मंत्री प्रियांक खरगे ने एक पत्र लिखा है. उन्होंने मुख्य सचिव को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मुख्य सचिव को तमिलनाडु की तरह ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.