Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

सियासी घमासान! कथा की अनुमति रोके जाने पर धीरेंद्र शास्त्री ने ममता बनर्जी को घेरा

18

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोलकाता में कथा कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहेंगी, तब तक वे बंगाल में कथा नहीं करेंगे. शास्त्री ने बताया कि उनका पश्चिम बंगाल का कार्यक्रम तय था, लेकिन वहां से परमिशन कैंसिल हो गई. उन्होंने कहा कि अभी हमें पश्चिम बंगाल जाना था, लेकिन दीदी ने हमें मना कर दिया. परमिशन कैंसिल हो गई है, अब जब तक दीदी हैं, हम वहां नहीं जाएंगे. दादा आएंगे तो जरूर जाएंगे.

जानकारी के मुताबिक, कोलकाता में 10, 11 और 12 अक्टूबर को धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा का आयोजन होना था. लेकिन भारी बारिश और प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया. शास्त्री ने कहा कि किसी भी स्थान पर उन्हें आयोजन की अनुमति नहीं मिली. इस वजह से अब कथा को आगे के लिए टाल दिया गया है.

परमीशन नहीं मिलने पर भड़के

रविवार को रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शास्त्री ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी राजनीति से जुड़ा नहीं है. उन्होंने कहा कि हम किसी का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन परमिशन रद्द हो गई और दूसरी जगह भी उपलब्ध नहीं हुई. हमने भगवान के भरोसे छोड़ दिया है. जब तक दीदी हैं, तब तक हम वहां नहीं जाएंगे, जब दादा आएंगे तो जरूर जाएंगे.

शास्त्री ने आगे कहा कि वे न तो किसी राजनीतिक दल के पक्ष में हैं और न ही किसी के विरोध में हैं. हम केवल सनातन धर्म और हिंदुत्व के पक्ष में हैं. भगवान का कार्यक्रम करते रहेंगे और उसी के भरोसे चलेंगे.

समर्थकों के लिए क्या बोले शास्त्री?

शास्त्री ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे इसे राजनीति से जोड़कर न देखें. उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि कार्य भगवान के भरोसे ही होगा. अगर अनुमति नहीं मिलती है तो भी यह संकेत है कि भगवान अभी नहीं चाहते. लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि आगे जब समय सही होगा, तब था जरूर होगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.