Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chhattisgarh Road Accident Update: भीषण सड़क हादसे के बाद एनएच पर लगे जाम के हालात, मृतकों की शिनाख्... Ramanujganj Idol Makers News: पुश्तैनी कारोबार से जुड़े मूर्तिकार रंजीत और दीपांकर बोले- लागत निकलना... Bhilai Steel Plant Iron Theft Case: बीएसपी लोहा चोरी मामले में सीबीआई की आधिकारिक एंट्री, दुर्ग-भिला... Korba Murder News: जमीन के बंटवारे के विवाद में भतीजे ने की 85 साल के चाचा की हत्या, मध्य प्रदेश के ... Solid Waste Rules Raipur News: अब चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा, नियम तोड़ने पर लगेगा पर्यावर... CRPF 205 Cobra Battalion Jawan: बस्तर में नक्सल ऑपरेशन में दे चुके थे सेवाएं, इलाज के दौरान हुआ निधन... Pundag OP Incharge Bravery: पुंदाग थाना प्रभारी संजीव की सूझबूझ से बची युवक की जान, टावर पर चढ़ने से... Jharkhand Road Accident News: एफसीआई गोदाम के पास भारी वाहनों के आवागमन पर रोक की मांग, रातभर मचा रह... Jharkhand Education News: हिंदी साहित्य सम्मेलन मध्यमा प्रमाणपत्र विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय, 8 हफ्... Palamu Road Jam News: झारखंड आंदोलनकारियों ने सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन, पुलिस बल मौके पर मौजूद, ज...

कार्तिक मास 2024: तुलसी के पास दीपक जलाने से मिलता है कौन सा बड़ा लाभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

36

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास 8 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जो कि 6 नवंबर तक चलेगा. इस महीने को बहुत ही महत्वपूर्ण और पुण्दायी माना गया है. कहते हैं कि जो भी इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसपर श्रीहरि की विशेष कृपा बनी रहती है. कार्तिक मास हो दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है. कार्तिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा सालों से चली आ रही है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कार्तिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाना इतना अहम क्यों माना जाता है? चलिए हम आपको बताते हैं कार्तिक मास में तुलसी की पूजा का महत्व.

कार्तिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाने का महत्व

कार्तिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, धन-समृद्धि बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है. कार्तिक माह में तुलसी पर दीपक को जलाने से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, पितृ तृप्त होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है. कार्तिक मास में रविवार और एकादशी के दिन तुलसी पर जल न चढ़ाएं और न ही तुलसी के पत्ते तोड़ें.

कार्तिक मास में तुलसी पर दीया कब जलाएं?

कार्तिक मास में तुलसी पर दीपक रोजाना शाम के समय जलाना चाहिए, विशेषकर सूर्यास्त के बाद. यह दीपक घी या तिल के तेल से जलाएं, देसी गाय के घी का इस्तेमाल ज्यादा शुभ माना जाता है. इस माह में सुबह-शाम तुलसी की पूजा का भी विशेष महत्व है.

कार्तिक मास में तुलसी पर दीपक जलाने की विधि

समय:- कार्तिक मास में शाम के समय सूर्यास्त के बाद यानी संध्याकाल में दीपक जलाना चाहिए.

घी/तेल:- शुद्ध देसी गाय का घी या तिल का तेल दीपक के लिए इस्तेमाल करें. सरसों के तेल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.

दिशा:- तुलसी के पौधे के पास एक मिट्टी, धातु या आटे का दीपक उत्तर-पूर्व दिशा में रखें.

आरती:- दीपक जलाने बाद तुलसी की आरती करें. आरती के लिए आप उसी दीपक का इस्तेमाल कर सकते हैं.

जल चढ़ाएं:- कार्तिक मास में सुबह-शाम तुलसी के पौधे को जल जरूर चढ़ाएं.

नियमों का पालन:- रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और न ही जल चढ़ाना चाहिए.

स्वास्तिक बनाएं:- कार्तिक मास में तुलसी के गमले पर स्वास्तिक का चिह्न बनाना भी शुभ माना जाता है.

मंत्र जाप:- तुलसी पर दीपक जलाने के बाद “शुभं करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते॥” मंत्र का जाप करें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.