Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court News: बंधक हाथी ‘उत्तोली रमन’ की सुरक्षा का ब्योरा न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरक... INDIA Alliance News: विपक्ष के आंदोलन में आपसी मतभेद आए सामने, राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंड... Delhi Metro Service Update: CJP के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद, जानें... JNU Professor Dismissed: जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकॉइजम को नौकरी से ... UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित,... Bathinda District News: बठिंडा में रात के वक्त कंबाइनों से धान की कटाई पर रोक, पराली जलाने पर भी सख्... Jalandhar News: जालंधर में रेडक्रॉस भवन की दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले SFJ के दो ऑपरेट... Punjab DGP Appointment: पंजाब सरकार ने गौरव यादव को बनाया राज्य का नियमित डीजीपी, जारी हुआ आधिकारिक ... LPU Violence Case Update: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, रेडिट पर पोस्ट करन... Ludhiana News: चीन से सस्ते आईफोन मंगाने के नाम पर 22.20 लाख की ठगी, आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर...

सरकारी क्वार्टर में कुत्ता पालने का विवाद: हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी- ‘यह फैमिली अकोमोडेशन है, डॉग हाउस नहीं।’

32

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण याचिका में सुनवाई करते हुए कहा कि सरकारी आवासीय क्वार्टर केवल परिवार के रहने के लिए होते हैं, पालतू जानवरों के लिए नहीं. अगर कुत्ता पालना चाहते ही हैं तो शहर में किराए का निजी मकान लेकर ऐसा करने की स्वतंत्रता है. यह आदेश मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के जूनियर वर्क्स मैनेजर सैफ उल हक सिद्दीकी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है.

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के जूनियर वर्क्स मैनेजर सैफ उल हक सिद्दीकी ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्होंने अपने सरकारी क्वार्टर में एक पालतू कुत्ता रखा हुआ था. इस पर उनके पड़ोसियों ने फैक्ट्री प्रशासन से शिकायत की थी. शिकायत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें सरकारी क्वार्टर खाली करने का आदेश जारी कर दिया. सिद्दीकी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

सरकारी आवास का उपयोग केवल निवास के लिए

जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकारी आवास किसी कर्मचारी को सेवा अवधि के दौरान आवास सुविधा के रूप में आवंटित किया जाता है, न कि स्वामित्व के अधिकार के रूप में. इसलिए आवास का उपयोग केवल निवास उद्देश्य से किया जा सकता है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पालतू जानवर रखना व्यक्ति का निजी अधिकार हो सकता है, लेकिन सरकारी संपत्ति पर यह अधिकार स्वतः लागू नहीं होता. यदि किसी कर्मचारी को सरकारी क्वार्टर में पालतू जानवर पालने की अनुमति नहीं है, तो वह नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता.

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता वास्तव में कुत्ता पालना चाहते हैं तो उन्हें शहर में किराए का निजी मकान लेकर ऐसा करने की स्वतंत्रता है. सरकारी क्वार्टर का उपयोग परिवार से इतर किसी अन्य उद्देश्य, विशेषकर जानवरों के पालन के लिए नियमों के विपरीत है. अंत में कोर्ट ने फैक्ट्री प्रशासन द्वारा जारी आदेश को विधिसंगत और उचित ठहराते हुए सैफ उल हक सिद्दीकी की याचिका को खारिज कर दिया.

हाईकोर्ट का यह फैसला सरकारी विभागों में आवंटित आवासों से जुड़ी अनुशासन व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि सरकारी संपत्ति का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए. ऐसा न करना न केवल प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन है बल्कि अन्य निवासियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है. यह फैसला भविष्य में सरकारी आवासों में पालतू जानवर रखने के मामलों के लिए नजीर साबित होगा

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.