चंडीगढ़: पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने राज्य स्तर पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की। इस बैठक में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स, काउंटर इंटेलिजेंस विंग के प्रमुखों समेत सभी रेंज डीआईजी, पुलिस कमिश्नर, एसएसपी, सब डिवीजन डीएसपी और एसएचओ शामिल हुए। बैठक के दौरान डीजीपी ने सूबे भर के डिवीजनल डीएसपी और एसएचओ से सीधी बातचीत की और उनका अनुभव तथा फीडबैक जाना। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर के सुझाव लोगों के साथ भरोसेमंद संबंध बनाने और राज्य स्तर पर साझा कार्रवाई को मजबूत करने के लिए बेहद अहम हैं।
- पंजाब पुलिस ने 87% की दोष सिद्धि दर हासिल की है, जो देश में सबसे अधिक है। यह प्रोफेशनल और प्रभावी जांच का परिणाम है।
- नशों के खिलाफ मुहिम और तेज की जा रही है। ड्रग डिटेक्शन किट्स और एफएसएल रिपोर्ट्स जल्द मिलने से न्याय प्रक्रिया तेज होगी।
- आने वाले त्यौहारों के मौसम के लिए विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इसमें रात के समय पीसीआर पेट्रोलिंग, बैरिकेडिंग, लाइटिंग और रोकथाम के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस पूरी तरह से तैयार है और राज्य में अमन-चैन, भाईचारे और हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है।
बैठक के दौरान हुए बड़े ऐलान:
- पंजाब सरकार ने 4,500 नए सिपाहियों की भर्ती को मंजूरी दी है। इन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा, जिससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग मजबूत होगी।
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हर जिले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल बनाए जाएंगे, जो अफवाहें, नफरती भाषा और अपराध की महिमा करने वाली सामग्री को रोकने में मदद करेंगे।
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