Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dewas Crime News: नकली चांदी गिरवी रखकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दबोचा 'सिक्का गैंग' Ratlam Mob Lynching: सांवरिया सेठ से लौट रहे भक्तों को 'बच्चा चोर' समझकर पीटा, 4 की हालत खराब महाशिवरात्रि पर श्री हनुमान बालाजी मंदिर में सनातनी विनोद बिंदल का भक्ति संदेश कार्यक्रम Tiger-Leopard Death Toll: खेतों में बिछे 'मौत के तार', करंट लगने से गई जान, 10 साल के आंकड़ों ने चौं... T20 World Cup Lowest Strike Rate: सबसे धीमी बल्लेबाजी का रिकॉर्ड, लिस्ट में पाकिस्तान के 3 खिलाड़ी Akshay Kumar Viral Video: '1 करोड़ क्या, किडनी भी दे दूंगा...', अक्षय ने RJ महविश से क्यों कही ये बा... Israel-Jordan Tension: फिलिस्तीन के बाद अब जॉर्डन की बारी? इजराइल के रडार पर क्यों है अम्मान, जानें ... 8th Pay Commission Fraud: सरकारी कर्मचारी सावधान! एक क्लिक और खाली हो जाएगा बैंक खाता, जानें नया स्क... What is Data Center: क्या है डाटा सेंटर? जिस पर अडानी-अंबानी लगा रहे अरबों, जानें कमाई का पूरा गणित Ramadan 2026 Moon Sighting: सऊदी अरब में दिखा चांद, जानिए भारत में कब रखा जाएगा पहला रोजा?

बरेली में कैसे भड़की हिंसा? 7 दिन पहले रची गई थी साजिश

8

उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को अचानक भड़की हिंसा ने पूरे शहर को दहला दिया. दोपहर बाद शुरू हुआ तनाव धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि श्यामगंज, नावल्टी तिराहा और खलील स्कूल तिराहे पर पुलिस और भीड़ आमने-सामने आ गई. पत्थरबाजी, फायरिंग और लाठीचार्ज के बीच शहर का बड़ा हिस्सा कई घंटों तक दहशत में डूबा रहा. पुलिस-प्रशासन का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की नींव एक हफ्ते पहले ही रख दी गई थी.

इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने 19 सितंबर को घोषणा की थी कि शुक्रवार को इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान से विरोध-प्रदर्शन निकाला जाएगा. उनका कार्यक्रम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपने का था. प्रशासन ने इस कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी, लेकिन माहौल पहले ही गरमाया जा चुका था.

गुरुवार आधी रात पुलिस ने आईएमसी की ओर से जारी पत्र सार्वजनिक किया, जिसमें कार्यक्रम स्थगित करने की सूचना थी. अगले ही दिन सुबह मौलाना तौकीर ने वीडियो जारी कर उस पत्र को फर्जी बताया और साफ कर दिया कि विरोध पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा. इसी विरोधाभास ने समर्थकों के बीच भ्रम पैदा कर दिया और भीड़ जुटने लगी.

भीड़ बेकाबू और पुलिस से सीधा टकराव

शुक्रवार दोपहर साढ़े तीन बजे तक मौलाना खुद सामने नहीं आए. इंतजार से बेचैन भीड़ नौमहला मस्जिद से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ी. खलील स्कूल तिराहे पर पहुंचते ही युवकों ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. एक डॉक्टर की दुकान के शीशे तोड़े गए, बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचाया गया.

डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसपी सिटी मानुष पारीक मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया. हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. नावल्टी तिराहे पर तो स्थिति इतनी तनावपूर्ण हुई कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को पीछे धकेलना पड़ा. श्यामगंज इलाके में उपद्रवियों ने फायरिंग भी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक 10 से ज्यादा जवान जख्मी हुए, वहीं कई प्रदर्शनकारी भी लाठीचार्ज और भगदड़ में चोटिल हुए. शाम पांच बजे तक पुलिस बल ने स्थिति पर काबू पा लिया, लेकिन तनाव देर रात तक बना रहा.

सात दिन पहले रची गई थी पूरी साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि यह बवाल अचानक नहीं था. सात दिन पहले से माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी. आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का एक वीडियो 21 सितंबर को वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने किला इंस्पेक्टर का हाथ काटने की धमकी दी थी. दरअसल, पुलिस आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर हटाने गई थी, जिसे लेकर नफीस ने भड़काऊ बयान दिया. इसके बाद से ही माहौल बिगड़ने की आशंका जताई जा रही थी.

प्रशासन ने एहतियातन मौलाना तौकीर, प्रवक्ता डॉ. नफीस और मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी को हाउस अरेस्ट में रखा. बावजूद इसके, भीड़ पहले से तय रणनीति के तहत जुटी और मौलाना की गैरमौजूदगी में उग्र हो गई. शुक्रवार को पूरे दिन समर्थकों में यह सवाल गूंजता रहा कि मौलाना तौकीर प्रदर्शन स्थल पर क्यों नहीं पहुंचे. दरअसल, गुरुवार रात ही पुलिस ने उन्हें बरेली के फाईक एनक्लेव कॉलोनी में हाउस अरेस्ट कर लिया था, जहां वे एक परिचित के घर पर रुके हुए थे.

देर रात अचानक पुलिस ने उन्हें वहीं से अज्ञात स्थान पर शिफ्ट कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूरे घर के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गई, ताकि किसी तरह की जानकारी बाहर न जा सके. मौलाना को कहां ले जाया गया, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.

बाजार बंद और दहशत का माहौल

हिंसा और तोड़फोड़ के चलते बिहारीपुर, श्यामगंज, कुतुबखाना, इस्लामिया मार्केट, सैलानी मार्केट, कोहाड़ापीर, आलमगिरीगंज, बांस मंडी, साहूकारा और पुराना बस अड्डा जैसे इलाके दिनभर बंद रहे. दुकानदारों ने खौफ में शटर गिरा दिए. जगह-जगह पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई.

पुलिस अब पूरे मामले में साजिशकर्ताओं और उपद्रवियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और दर्जनों की पहचान की जा चुकी है. प्रशासन साफ कर चुका है कि हिंसा भड़काने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, मौलाना तौकीर राजा की आईएमसी पार्टी की कई पदाधिकारी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.