भोपाल: कांग्रेस देशभर में ‘हर बूथ मजबूत’ नामक नया प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस अभियान की नेतृत्व स्वयं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी करेंगी। इस प्रोजेक्ट के तहत देशभर में पाँच विधानसभा सीटों का चयन किया गया है, जहां कांग्रेस ने पिछली बार कम अंतर से हार का सामना किया था। इनमें मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट भी शामिल है, जहां से वर्तमान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर विधायक हैं।
दिमनी विधानसभा सीट का चयन
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, दिमनी सीट का चयन रणनीतिक सोच का हिस्सा है। इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच हाल के वर्षों में लगातार राजनीतिक बदलाव हुए हैं। 2018 में यहां से कांग्रेस के गिर्राज दंडोतिया विधायक बने थे, लेकिन 2020 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा। 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने नरेंद्र सिंह तोमर को टिकट दिया और वे विजयी हुए। चुनावी इतिहास और जीत-हार के छोटे अंतर को देखते हुए कांग्रेस ने दिमनी को इस प्रोजेक्ट के लिए चुना है।
बूथ रक्षक और क्लस्टर प्रणाली
इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 20-20 बूथों के क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिनमें हर क्लस्टर में एक बूथ रक्षक नियुक्त किया जाएगा। बूथ रक्षक की जिम्मेदारी ये होगी कि प्रत्येक बूथ की टीम को मार्गदर्शन देना होगा, पिछले चुनावों की मतदाता सूची का विश्लेषण करना होगा, यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई वास्तविक वोटर सूची से बाहर न हो और कोई फर्जी नाम न जुड़ा हो।
बता दें कि दिमनी सीट के लिए गोपालराम मेघवाल को प्रभारी बनाया गया है। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं को संगठित करने, बूथ समितियों को सक्रिय करने और बूथ रक्षकों की निगरानी करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो कांग्रेस ने यहां बार-बार अच्छा प्रदर्शन किया है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से कांग्रेस प्रत्येक बूथ पर संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनाव में रणनीतिक बढ़त हासिल करना चाहती है। इस तरह, प्रियंका गांधी की सीधी निगरानी में दिमनी विधानसभा सीट से कांग्रेस का नया चुनावी अभियान शुरू होने जा रहा है।
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