उज्जैन: उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के एक वायरल वीडियो का सच सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कंटेंट क्रिएटर खुशबू पांचाल ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। वीडियो में दावा किया गया था कि मंदिर प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें यह सब सहना पड़ा।
CCTV ने खोली पोल
महाकाल मंदिर समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। जांच में पता चला कि खुशबू पांचाल ने खुद मंदिर के नियमों का उल्लंघन किया। फुटेज में दिखा कि उन्होंने चलती लाइन में बाधा डाली और अनाधिकृत स्थान पर बैठी रहीं। इसके अलावा, सुरक्षाकर्मियों के साथ उनका व्यवहार अभद्र था, जबकि सुरक्षा कर्मी पूरी तरह सम्मानजनक तरीके से ड्यूटी कर रहे थे। मंदिर समिति ने कहा कि खुशबू पांचाल किसी सुरक्षाकर्मी का नाम नहीं बता पाईं और कोई ठोस सबूत भी नहीं पेश कर सकीं।
मंदिर समिति ने लिया कड़ा रुख
समिति ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे भ्रामक वीडियो मंदिर की छवि और श्रद्धालुओं की भावनाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। फिलहाल, मंदिर समिति ने खुशबू पांचाल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
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