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पंजाबियों के लिए आ गई नई आफत! बाढ़ के बाद पढ़ें अब तक की पूरी Report

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गुरदासपुर: गुरदासपुर जिले के विभिन्न ब्लॉकों के 329 गांवों में बाढ़ से भारी नुकसान होने के बाद, भले ही गांवों से पानी कम होना शुरू हो गया है, लेकिन इन बाढ़ों ने लोगों के स्वास्थ्य को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। इसके चलते, गुरदासपुर जिले में लगभग 1.87 लाख से अधिक लोग बाढ़ के कारण स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रभावित हुए हैं। इन लोगों को तत्काल राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर कैम्प लगाए जा रहे हैं और आज से 3 दिवसीय विशेष अभियान भी शुरू किया गया है, जिसके तहत बाढ़ प्रभावित गांवों में टीमें विशेष रूप से जांच करेंगी।

सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने बताया कि गुरदासपुर जिले में अब तक 1134 मैडीकल कैम्प लगाए जा चुके हैं, जबकि मोबाइल कैम्पों को मिलाकर कुल 184 स्थानों पर कैम्प लगाकर लोगों का इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिले में 199 टीमें काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न टीमों द्वारा जिले में मैडीकल कैम्प लगाकर 78 हजार 562 लोगों का इलाज किया जा चुका है, जिनमें से 788 लोग ऐसे थे जिन्हें पेट से संबंधित बीमारियों की शिकायत थी। इसी तरह, 5177 लोगों को बुखार हो चुका है, जबकि इन कैम्पों में 17 लोग ऐसे पहुंचे जिन्हें कुत्तों ने काटा था, जबकि 2 लोगों को सांप ने काटने के बाद भी उन्होंने यहां आकर इलाज करवाया। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव और अन्य कई तरह की समस्याओं के कारण इन कैम्पों में 1341 लोगों ने आंखों की बीमारियों से संबंधित जांच करवाई, जबकि 12952 लोगों को त्वचा से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनका विभिन्न मैडीकल कैम्पों के दौरान चेकअप करके इलाज किया जा रहा है।

गांवों में स्प्रे का काम जारी
सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने बताया कि लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए गांवों में स्प्रे भी करवाई जा रही है, जिसके तहत 299 गांवों में विभिन्न कीटनाशकों का स्प्रे करवाया गया है। इसी तरह, डेंगू से लोगों को बचाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रयासरत हैं। अब तक जिले में डेंगू से पीड़ित 38 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि जिले में 84 लोगों के डेंगू से संबंधित टैस्ट भी किए जा चुके हैं। इनमें से 122 टैस्ट बाढ़ प्रभावित इलाकों में किए गए हैं।

पीने के पानी के नमूने फेल हो रहे हैं
सिविल सर्जन ने बताया कि लोगों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस समय कई जगहों पर पीने का पानी भी दूषित होने का डर है। इस कारण विभिन्न टीमों द्वारा पानी के नमूने लेकर उनकी जांच भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक 196 जगहों से पानी के नमूने लिए गए हैं, जिनमें से 169 नमूने पास हुए हैं, जबकि 27 नमूने फेल हो चुके हैं।

सांप के काटने से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है
सिविल सर्जन ने बताया कि इस समय जहां अन्य स्वास्थ्य समस्याएं लोगों को परेशान कर रही हैं, वहीं सांप के काटने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक 33 व्यक्तियों को विभिन्न जगहों पर सांपों ने डसा है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के इलाज के लिए विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में 1102 वायल उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से सांप के काटे मरीजों का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा लोगों को अन्य विभिन्न प्रकार की आवश्यक दवाएं भी मुफ्त दी जा चुकी हैं, जिसके तहत अब तक जिले में 84936 मैडीकल किटें बांटी जा चुकी हैं और आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहेगा।

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