Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

8 साल की उम्र में हुआ था लापता, अब पहुंचा परिवार के पास… 21 साल बाद पिता से मिले बेटे की दर्दभरी कहानी

59

बिहार के भागपुर जिले के रहने वाला एक शख्स 21 साल बाद अपने परिवार से मिला तो सभी की आंखें नम हो गईं. परिजनों ने बताया कि सोनू 2004 में परिवार से बिछड़ गया था. सोनू बुआ के घर पर रहता था और वहीं से गायब हो गया था. जिसके बाद उसे ढूंढने की कोशिश की गई लेकिन वो कहीं नहीं मिला. जिसके बाद सोनू के गायब होने की सूचना पुलिस को दी गई. सोनू के गायब होने की सूचना के बाद मां बेहद परेशान रहने लगी थी, इसी गम में मां की मौत हो गई थी. आज सोनू हम लोगों के बीच है, सभी लोग बेहद खुश हैं.

दरअसल, भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित पकड़ा गांव के रहने वाले हरिशंकर प्रसाद सिंह का बेटा सोनू कुमार उर्फ मनोज कप्तान अप्रैल 2004 में रक्सौल से गायब हो गया था. तब उसकी उम्र करीब आठ-नौ साल की थी. सोनू बुआ निर्मला देवी के घर रक्सौल में रहता था. सोनू जिस दिन गायब हुआ, बुआ किसी रिश्तेदार के घर गई थीं. लौटीं तो सोनू गायब था. उसके लापता होने की खबर बुआ ने दी जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. परिवार ने गांव-गांव, शहर-शहर और यहां तक कि नेपाल तक सोनू को ढूंढ़ा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला. शुक्रवार की शाम इस परिवार की किस्मत ने अचानक करवट ली.

पिता की आंखों से झलके आंसू

दरअसल, हरिशंकर को एक तस्वीर दिखाई गई. जानकारी दी गई कि उनका बेटा सोनू है और धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है. हरिशंकर यह सुनकर सन्न रह गए. पूरा परिवार उम्मीद और घबराहट के साथ धनबाद के निकल पड़ा, जब अस्पताल पहुंचे तो सोनू को पहचाना. बेटे को देख पिता हरिशंकर रो पड़े और सोनू को सीने से लगा लिया.

अस्पताल कर्मी की पहल से मिला परिवार

सोनू का उसके परिवार से मिलाने के लिए अस्पताल कर्मी दीपक सिंह ने अहम रोल निभाया. दीपक ने बताया कि गुरुवार की सुबह एक मरीज उसके सामने से घसीटता हुआ जा रहा था. इस दौरान उसे रोक कर उससे पूछताछ की. उसने अपना नाम सोनू बताया. काफी याद कर बताया कि वह भागलपुर के नवगछिया गांव का रहने वाला है. इतना ही नहीं उसने ये भी बताया कि भूमिहार ब्राह्मण परिवार से है. लेकिन वो गांव का नाम नहीं बता पाया. सोनू के बताने के बाद दीपक ने उसकी तस्वीर के साथ, उससे जुड़ी जानकारी भागलपुर में अपने रिश्तेदार को भेजी. सोशल मीडिया की मदद से दीपक के रिश्तेदार ने नवगछिया के कुछ भूमिहार ब्राह्मण परिवार तक जानकारी पहुंचाई. रात में दीपक के पास सोनू के परिजनों का कॉल आया और जानकारी ली. दूसरे दिन शाम सोनू के परिजन अस्पताल पहुंच गए.

बेटे की याद में चल बसी मां

बेटे की जुदाई का दर्द इतना गहरा था कि वो सदमे की वजह से दो साल पहले चल बसी. परिजनों के अनुसार, चार बच्चों में सोनू दूसरे नंबर का था. सोनू के गायब होने के बाद से पिता हरिशंकर प्रसाद सिंह भी टूट गए. वर्षों बीत गए और घर-आंगन से हंसी-खुशी लगभग गायब हो गई थी. बच्चे बड़े होते गए और उनकी अपनी गृहस्थी बनती चली गई. इन सबके बीच चार बेटों मे से एक बेटे के गायब होने का दर्द हरिशंकर के सीने में हमेशा उठता रहा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.