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मुसलमान मर्द-औरत एक साथ जिम में कर सकते हैं एक्सरसाइज? मौलाना ने बताया क्या कहता है इस्लाम

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देवबंदी उलेमा व जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा के वीडियो सोशल मीडिया पर अक्सर सामने आते रहते हैं, जिसमें वह मुसलमानों को सलाह देते नजर आते हैं. अब उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुसलमानों को एक और शरीअत के बारे में बता रहे हैं. उन्होंने एक्सरसाइज और मर्द-औरत के एक साथ एक जिम में एक्सरसाइज करने को लेकर वीडियो में बात की.

मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने कहा कि आजकल जिम और एक्सरसाइज का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. मर्द भी इस में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और औरतें भी. सेहत की देखभाल करना यकीनन इस्लाम की तालीमात के मुताबिक़ है. क्योंकि मज़बूत और तंदरुस्त मोमिन अल्लाह के नजदीक ज्यादा पसंदीदा है. मगर अफ़सोस की बात यह है कि इस ट्रेंड ने हमारे समाज में नई मुश्किलें पैदा कर दी हैं.

“इस्लामी उसूलों के सरासर खिलाफ”

मौलाना ने आगे कहा, देखा जा रहा है कि मर्द और औरतें एक साथ जिम में एक्सरसाइज़ कर रहे हैं. यह बात शरीअत और इस्लामी उसूलों के सरासर खिलाफ है. मौलाना क़ारी इसहाक गोरा ने साफ तौर पर कहा कि पर्दा सिर्फ औरत के लिए ही नहीं, बल्कि मर्द के लिए भी जरूरी है. जब पर्दे की हिफाजत छोड़ दी जाती है तो समाज में गुनाह बढ़ जाते हैं और यही वह रास्ता है, जो हमें धीरे-धीरे दीन से दूर ले जाता है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोग इसको मॉडर्न ज़माना कहकर फख्र कर रहे हैं, लेकिन हक़ीक़त यह है कि यह कोई मॉडर्निटी नहीं, बल्कि इल्म की कमी है. मॉडर्न होना बुरा नहीं, लेकिन मज़हबी उसूलों को तोड़कर मॉडर्निटी के नाम पर हराम चीजों को हलाल कर लेना, न तो अक्लमंदी है और न ये ही इस्लाम के मुताबिक है.

“ईमान की सेहत का भी ख्याल रखें”

मौलाना गोरा ने ज़ोर देकर कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि जिस्म की सेहत का ख्याल रखने के साथ-साथ दीन और ईमान की सेहत का भी ख्याल रखें. तंदरुस्ती सिर्फ जिस्मानी ताकत का नाम नहीं, बल्कि रूहानी और ईमानी ताकत भी जरूरी है. जब तक इंसान का दिल और नफ़्स इस्लामी उसूलों से जुड़ा रहेगा. तभी असली कामयाबी और तंदरुस्ती हासिल होगी.

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