Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CJP Leaders Detained by Delhi Police: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के प्रयास में सौरव दास और आशुतोष रांका स... Delhi Electric Buses: दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, 150 नई इलेक्ट्रिक बसें और 13 नए मॉनिटरि... Bihar Flood News: छपरा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नई मुसीबत, मलबे और महामारियों के साए में जीने क... Moradabad Crime News: मुरादाबाद में दिव्यांग व्यक्ति की घर के अंदर निर्ममता से हत्या, खून से लथपथ मि... Delhi Police Social Media Crackdown: अफवाह फैलाने वाले 500 से ज्यादा पोस्ट डिलीट, 4 एफआईआर दर्ज और 1... Jammu and Kashmir Waqf Board Controversy: वक्फ बोर्ड के जुमे के खुतबे वाले प्रस्ताव पर छिड़ा विवाद, ... Atiq Ahmed Land Chakia Prayagraj: माफिया अतीक अहमद के कब्जे वाली जमीन पर बनेगी पद्मलोक आवासीय योजना,... Rahul Gandhi and Abhijit Dipke Appeal: इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण न्यास की अपील, त्योहारों के सीजन में द... Bhagalpur Viral Video: भागलपुर में ट्रेन की खिड़की से मोबाइल चुरा रहा चोर हवा में लटका, 100 मीटर तक ... IKG PTU Convocation: आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी का 14वां दीक्षांत समारोह आयोजित, सीएम मा...

पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग का नया फैसला, स्कूलों को लेकर…

46

लुधियाना : पंजाब में हाल ही में हुई लगातार भारी बारिश और कई जिलों में आई भीषण बाढ़ ने न केवल ग्रामीण इलाकों में तबाही मचाई, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया। कई दिनों तक स्कूलों के बंद रहने के बाद, शिक्षा मंत्री के आदेशों के तहत जिले भर के स्कूल अब दोबारा खोल दिए गए हैं लेकिन इन परिस्थितियों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक मुहिम शुरू कर दी है, जिसके अंतर्गत हर निजी स्कूल से बिल्डिंग सेफ्टी का सर्टीफिकेट मांगा जा रहा है। यह कवायद ऐसे समय में हो रही है जब विभाग की अपनी कई सरकारी स्कूल इमारतें खस्ता हाल में हैं और बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

सरकारी स्कूलों की हालत बदतर, ध्यान कहीं और
सूत्रों के अनुसार जिले में विभिन्न सरकारी स्कूलों में मरम्मत या पुनर्निर्माण की जरूरत में हैं। कई जगहों पर छतें टपक रही हैं, दीवारें दरक चुकी हैं और बारिश के दिनों में बच्चों का कक्षा में बैठना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग का ध्यान केवल निजी स्कूलों पर केंद्रित है। वहां सुरक्षा जांच का हवाला देकर सख्ती बरती जा रही है जबकि सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार वास्तव में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है तो उसे सबसे पहले अपने सरकारी स्कूल भवनों की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान देना होगा।

सिर्फ कागजी कार्रवाई से पूरी की जा रही खानापूर्ति
जानकारों का कहना है कि स्कूलों की जांच के लिए भेजी जा रही टीमों में केवल सरकारी प्रिंसीपल्स को शामिल किया गया है। उनके साथ कोई तकनीकी विशेषज्ञ या इंजीनियर नहीं हैं जो इमारत की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सकें। ऐसे में बिना तकनीकी निरीक्षण के केवल स्कूल प्रबंधन से सर्टीफिकेट जमा करवाना बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि असल प्रक्रिया में बिल्डिंग सेफ्टी सर्टीफिकेट तभी जारी होता है जब तकनीकी टीम, जिसमें इंजीनियर और स्ट्रक्चरल एक्सपर्ट शामिल होते हैं, साइट पर जाकर निरीक्षण करें लेकिन इस बार शिक्षा विभाग की कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.