Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम

पहाड़ी नदियों में तबाही, कई टरबाइन बंद, बिजली उत्पादन भी घटा… क्या अंधेरे में डूब जाएगा उत्तराखंड?

38

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब विद्युत उत्पादन पर देखने को मिलने लगा है. उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) के ज्यादातर पावर हाउस के टरबाइन की रफ्तार नदियों में आई गाद और ओवरफ्लो की वजह से थम सी गई है. विद्युत उत्पादन क्षमता आधे से ज्यादा कम हो गई है. स्थिति सामान्य नहीं होने पर प्रदेश में बड़ा बिजली संकट पैदा हो सकता है. इससे बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान हो सकता है. साथ ही प्रदेशवासियों को भी काफी परेशानी हो सकती है.

उत्तर भारत सहित देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का असर कम होता नजर नहीं आ रहा है. बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान आदि राज्यों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई हैं. उत्तराखंड में भी नदियां-नाले उफान पर हैं. नदियां में पानी के साथ बड़े स्तर पर गाद भी बहकर आ रही है. गाद के कारण प्रदेश की विद्युत उत्पादन धीमी पड़ गई है. यूजेवीएनएल के पावर हाउस में लगे टरबाइन की रफ्तार नदियों में गाद और आवोरफ्लों की वजह से रुक गई है.

कम हुई बिजली उत्पादन क्षमता

30 अगस्त को प्रदेश में कुल बिजली उत्पादन क्षमता 23.715 मिलियन यूनिट रही, जबकि उत्पादन हानि 3.231 मिलियन यूनिट दर्ज की गई थी. एक आंकड़ा एक सितंबर को बहुत कम हो गया है. इस दिन उत्पादन क्षमता घटकर 12.474 मिलियन यूनिट रह गई है. वहीं उत्पादन हानि बढ़कर 13.853 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई. नदियों में अत्यधिक गाद आने से छिबरो, खोदरी, चीला और ढालीपुर समेत कई जलविद्युत परियोजनाओं की टरबाइन बंद करनी पड़ी हैं.

टरबाइन पर पड़ रहा असर

हालांकि, कम बिजली खपत से राहत मिली है. बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, गाद जमने से टरबाइन पर दबाव बढ़ जाता है और उपकरण खराब होने का खतरा रहता है. इस वजह से कई इकाइयों को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा है. हालांकि, मौजूदा समय में तापमान कम होने की वजह से बिजली की खपत भी घटी है. इससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना हुआ है और बड़े पैमाने पर संकट की स्थिति फिलहाल टली हुई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.