Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

मौ’त के साये से बचकर आया पंजाबी युवक, न बिजली, न पानी… जानें क्या है पूरा मामला

23

आदमपुर: आदमपुर के कुपुर गांव का एक युवक अपने दो अन्य दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश स्थित धार्मिक स्थल मणिमहेश दर्शन के लिए गया था। 7 दिन बाद वह मौत के साये से निकलकर सकुशल अपने घर पहुंच गया। गांव कुपुर निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र अमृतपाल सिंह कुंदरा ने पंजाब केसरी से बातचीत करते हुए बताया कि वह 21 अगस्त को सुबह साढ़े नौ बजे जालंधर निवासी अपने दोस्त संदीप कुमार और रजिंदर कुमार नंदा के साथ हिमाचल प्रदेश में धार्मिक स्थल मणिमहेश के दर्शन करने गए थे और 22 अगस्त को मंदिर के पास विश्राम कर 23 अगस्त को मणिमहेश के दर्शन किए और वह कार में घर लौट रहे थे, लेकिन वह अभी 12 से 15 किलोमीटर ही नीचे की ओर आए थे। आगे 10 किलोमीटर तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। यहां न बिजली थी, न पानी, न ही मोबाइल नेटवर्क।

उन्होंने आगे बताया कि एक तरफ नदी बह रही थी, दूसरी तरफ पहाड़ टूटने के कारण दोनों तरफ आने-जाने वाले मुख्य रास्ते बंद हो गए थे। रास्ते पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, इसलिए वह अपने दोस्त संदीप कुमार की कार नंबर पीबी10 एचसी 4858 व दोनों दोस्तों को सुरक्षित स्थान पर छोड़कर वह बाढ़ के पानी और खतरनाक जंगलों से टूटी सड़कों से होते हुए 8 से 10 घंटे पैदल चल, 65 किलोमीटर लंबा सफर तय किया और किसी तरह चंबे पहुंचा। मोबाइल नेटवर्क आने पर उसने अपने दोस्त बूटा सिंह मैनेजर आदमपुर आयल स्टोर से संपर्क किया, जो अपने साथियों भूपिंदर सिंह भिंदा सरपंच कोहजा, कुलवंत सिंह पंच महदीपुर, संदीप कुमार झल्ली पंच कोहजा, अमरिंदर सिंह राय कोहजा और साबा कोटला के साथ चंबे पहुंचा और उसे मौत के साये से वापस घर लेकर आया। कुंद्रा ने बताया कि करीब 15 से 20 हजार गाड़ी, स्कूटर और मोटरसाइकिल सवार वहां फंसे हुए हैं, जिनमें से कुछ लोग दूसरे राज्यों से हैं, बाकी सभी पंजाबी हैं। उन्होंने हिमाचल के लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने मुसीबत में उनकी बहुत मदद की। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कोई भी हिमाचल की तरफ न जाए। वहां हालात बहुत खराब हैं। खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए घर पर ही रहें। वग और उसका दोस्त मौत के साये में बड़ी मुश्किल से अपने परिवार के पास लौटे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.