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13 साल पहले ऐसा क्या हुआ? मंदिरों में चोरी कर भगवान से बदला ले रहा था शख्स, पूरी कहानी

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग और उसके आसपास के मंदिरों में चोरी करने वाला चोर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने चोर को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार चोर 45 साल का है. चोर मंदिरों को ही निशाना बनाता था. आरोपी मंदिर में रखे दानपात्र के ताले तोड़कर उसमें रखे पैसों की चोरी करता था. फिर बिना कोई सबूत छोड़े रफूचक्कर हो जाता था.

आरोपी ने मंदिरों में चोरी करने की एक हैरान कर देने वाली वजह पुलिस को बताई. उसने बताया कि वो मंदिरों में चोरियां भगवान से बदले की खातिर करता था. आरोपी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) से ग्रसित है. 2011-12 में मारपीट के मामले में आरोपी जेल गया था. उसी दौरान उसको ये बीमारी हो गई. तभी से उसका भगवान पर यकीन भी उठ गया.

इसलिए की मंदिरों में चारी

आरोपी ने बताया कि उसने मंदिरों को निशाना बनाने का फैसला इसलिए किया ताकि वो भगवान को उनकी जगह दिखा सके. आरोपी ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने दूर्ग और उसके आसपास स्थित मंदिरों से 10 चोरियां की हैं. हालांकि पुलिस शक जता रही है कि इसमें और लोग भी शामिल हो सकते हैं. पुलिस के अनुसार, आरोपी मंदिरों में रखे दानपात्र से पैसों की चोरी करता था.

चोरी से पहले और बाद में कपड़े बदल लेता था

आरोपी दानपात्र में रखे गहनों को छूता तक नहीं था. सीसीटीवी में आरोपी की पहचान जाहिर न सके, इसके लिए वो चोरी से पहले और बाद में अपने कपड़े बदल लेता था. आरोपी अपना स्कूटर मंदिरों से हमेशा दूर खड़ा करता था. आरोपी ने अभी हाल ही में 23-24 अगस्त को जैन मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. इसके अलगे दिन पुलिस उसे पूछताछ के लिए गई. फिर उसको गिरफ्तार कर लिया गया.

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी. CCTV फुटेज और त्रिनयन ऐप की मदद से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, साल 2012 में जेल से बाहर आने के तुरंत बाद आरोपी ने मंदिरों में चोरी करना शुरू कर दिया था.

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