Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे लुधियाना में एसिड Attack, महिला पर युवक ने फैंका तेजाब, चीखों से गूंजा इलाका! Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल

PM-CM और मंत्रियों के खिलाफ नए बिल में क्या-क्या, विपक्ष को किस बात का है डर?

15

केंद्र सरकार गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होने पर पीएम, मंत्री, सीएम को हटाने के लिए विधेयक ला रही है. गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में इससे जुड़े 3 बिल पेश करेंगे. वह इन विधेयक को संसद की एक संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव भी पेश करेंगे. विधेयक के मुताबिक, पीएम-सीएम और मंत्री 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं तो उनको बर्खास्त कर दिया जाएगा. बिल में खास बात ये भी है कि जेल से बाहर आने के बाद मंत्री की दोबारा पद पर नियुक्ति संभव हो सकती है.

तीनों विधेयक के नाम क्या हैं?

केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधनविधेयक 2025, संविधान (130वां संशोधनविधेयक, 2025 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधनविधेयक, 2025 हैं.

तीनों विधेयकमें क्या है?

केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधनविधेयक 2025 के अनुसारकेंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम, 1963 (1963 का 20) के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं हैऐसे मामलों में मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम, 1963 की धारा 45 में संशोधन करने की आवश्यकता हैविधेयक उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने का प्रयास करता है.

वहींसंविधान (130वां संशोधनविधेयक, 2025 के उद्देश्यों के अनुसारसंविधान के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं हैइसलिए ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री या केंद्रीय मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री तथा राज्यों एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री या मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री को हटाने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करने के मकसद से संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239एए में संशोधन की आवश्यकता हैविधेयक का उद्देश्य उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है.

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधनविधेयक, 2025 के उद्देश्यों के अनुसारजम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 का 34) के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करने हेतु जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 54 में संशोधन की आवश्यकता हैविधेयक उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने का प्रयास करता है.

संविधान संशोधन बिल की जरूरत क्यों?

  • पीएम, सीएम या मंत्री को पद छोड़ने की बाध्यता नहीं थी
  • गंभीर आरोप में सजा होने के बावजूद पद पर रह सकते थे
  • केजरीवाल 177 दिन जेल में रहने के बाद भी सीएम बने रहे थे
  • दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन भी जेल में रहने के बावजूद मंत्री बने रहे
  • तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी भी जेल में मंत्री बने रहे
  • अब नए बिल में 30 दिन भी जेल में रहने पर कुर्सी चली जाएगी
  • पीएम आरोपी सीएम, मंत्री को हटाने की सिफारिश कर सकते हैं
  • पीएम अगर सिफारिश न भी करें तो भी कुर्सी छोड़नी ही पड़ेगी

बिल में क्या-क्या है?

  1. साल से अधिक सजा मिलने पर CM और मंत्री गिरफ्तार होंगे
  2. 30 दिन तक लगातार हिरासत में रहने पर पद से हटाए जा सकेंगे
  3. पद से हटाने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से सिफारिश करेंगे
  4. गिरफ्तारी के 31वें दिन तक इस्तीफा नहीं देने पर खुद पद से हट जाएंगे
  5. अगर पीएम ने सिफारिश नहीं की तो भी 31वें दिन कुर्सी चली जाएगी

नए कानून के दायरे में कौन-कौन ?

  • प्रधानमंत्री
  • मुख्यमंत्री
  • केंद्रीय मंत्री
  • राज्यों के मंत्री

विपक्ष को क्या डर सता रहा?

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों की सरकार के मुख्यमंत्रियों को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा मनमाने ढंग से गिरफ्तार कराने के बाद उन्हें तुरंत पद से हटाकर विपक्ष को अस्थिर करने के लिए कानून लाने की मंशा रखती है. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को चुनाव में हरा पाने में विफल रहने के बाद उन्हें हटाने के लिए ऐसा कानून लाना चाहती है.

उन्होंने कहा, यह कैसा दुष्चक्र है. गिरफ्तारी के लिए किसी दिशानिर्देश के पालन की आवश्यकता नहीं. विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां अनियंत्रित और अनुचित. सिंघवी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून गिरफ्तारी के तुरंत बाद मौजूदा मुख्यमंत्री को हटाने का प्रावधान करता है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, विपक्ष को अस्थिर करने का सबसे अच्छा तरीका पक्षपाती केंद्रीय एजेंसियों को विपक्षी मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार करने के लिए लगाना है और उन्हें चुनावी तौर पर हराने में असमर्थ होने के बावजूद, मनमाने ढंग से गिरफ्तार करके उन्हें हटाना है. सत्तारूढ़ दल के किसी भी मौजूदा मुख्यमंत्री को कभी भी हाथ नहीं लगाया गया.

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा, बिल का उद्देश्य बिहार में राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ से लोगों का ध्यान भटकाना है. गोगोई ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह के ये विधेयक राहुल गांधी की धमाकेदार वोट अधिकार यात्रा से जनता का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश के अलावा और कुछ नहीं हैं.

विधेयक पर टीएमसी सांसद सागारिका घोष ने कहा कि जब आप सोच रहे थे कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी संविधान को इससे ज़्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकती, तो उन्होंने बस यही किया. मानसून सत्र के खत्म होने से ठीक दो दिन पहले मोदी सरकार एक संवैधानिक संशोधन लेकर आई है जिससे केंद्र को बिना किसी आरोपपत्र या दोषसिद्धि के भी किसी भी मुख्यमंत्री को हटाने का व्यापक अधिकार मिल गया है. उन्होंने कहा कि इससे विपक्षी मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों के और ज़्यादा दुरुपयोग का रास्ता खुल गया है, जैसा कि पिछले एक दशक में मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.