Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Saran Triple Murder: अस्पताल में भी चले हथियार; पुरानी रंजिश में गई 3 जानें, एक की हालत गंभीर UPI Fraud in Khammam: किताब खरीदने के बहाने ठग ने देखा यूपीआई पिन, फोन चुराकर खाते से उड़ाए 50 हजार ... UP News: कासगंज से दिल्ली नौकरी करने निकला 16 वर्षीय किशोर 2 महीने बाद मिला, परिवार में लौटी खुशियां Sambhav Jain Noida Case: 3 करोड़ का कर्ज, तलाक और बीमार बच्चा; सुपरनोवा से कूदने वाले इंजीनियर की दर... Mohammad Arman Arrested: प्रयागराज पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, उमेश पाल हत्याकांड का भगौड़ा आरोपी अर... Delhi Police Cyber Crime: कंबोडिया से जुड़े 'डिजिटल अरेस्ट' गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली पुलिस ने 2 आरो... Weather Update Today: यूपी-बिहार से लेकर पहाड़ों तक बारिश और आंधी का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा आपके रा... India Maritime Strategy: इंडो-पैसिफिक में भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम, AIME-2026 से मजबूत हुआ समुद्री ... INDIA Alliance Protest: EVM और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, खरगे बोले- 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक... महात्मा गांधी जयंती पर राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: आंदोलनों को एकजुट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सत...

मजीठिया की याचिका पर हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई

36

चंडीगढ़ : शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में आज सुनवाई होगी।

मजीठिया ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक बदले की भावना से की गई है, ताकि उन्हें बदनाम और परेशान किया जा सके क्योंकि वे सरकार की खुलकर आलोचना करते हैं। यह याचिका वकील सरतेज सिंह नरूला, दमनबीर सिंह सोबती और अर्शदीप सिंह चीमा के ज़रिए दाखिल की गई थी।

विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून की धाराओं के तहत 25 जून को मोहाली थाने में एफआईआर दर्ज की थी। मजीठिया का कहना है कि यह एफआईआर और उसी दिन की गई उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी थी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि उन्हें सुबह 9 बजे से 11:20 बजे तक दो घंटे से ज्यादा समय तक बिना किसी वैध प्रक्रिया के हिरासत में रखा गया। यह उनके मुताबिक भारतीय संविधान की धारा 22(2) और बीएनएस की धारा 187 का सीधा उल्लंघन है, जिसमें 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना ज़रूरी होता है।

हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मामले की सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी थी ताकि मजीठिया के वकील नए रिमांड ऑर्डर को जस्टिस त्रिभुवन दहिया की बेंच के सामने पेश कर सकें। बुधवार को मजीठिया की रिमांड अवधि चार दिन और बढ़ा दी गई थी।

याचिका में यह भी कहा गया है कि विजिलेंस ब्यूरो की रिमांड याचिका में कोई ठोस या तात्कालिक जांच के आधार नहीं दिए गए, बल्कि केवल मजीठिया के कथित प्रभाव, विदेशी संपर्क और दस्तावेजों या डिजिटल उपकरणों का सामना करवाने जैसे सामान्य बयानों पर भरोसा किया गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.