भारत में रहने का सपना था, वीजा नहीं मिला तो अवैध तरीके से ले ली पाकिस्तान से एंट्री, रेगिस्तान में ‘प्यास’ ने ले ली जान… रुला देगी इस कपल की कहानी
पाकिस्तान से एक जोड़ा भारत के लिए निकला. मगर किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था. दोनों चाह रहे थे कि भारत में आकर जीवन यापन करेंगे. वीजा के लिए अप्लाई किया था, मगर रिजेक्ट हो गया. उसने बाद छिपते-छिपाते अवैध तरीके से भारत में एंट्री लेने की सोची. मगर राजस्थान में उनकी मौत हो गई.
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वीजा हासिल करने में कई बाधाओं का सामना करने और इस प्रक्रिया में अस्वीकृति का सामना करने के बाद, 17 साल के लड़के और 15 वर्षीय लड़की ने एक हताश निर्णय लिया. दोनों थार रेगिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश करने के लिए पैदल ही निकल पड़े.कठिन परिस्थितियों के बावजूद, नाबालिग जोड़ा जैसलमेर में प्रवेश करने में सफल रहा. हालांकि, जलवायु परिस्थिति ने उनकी यात्रा में उनका साथ नहीं दिया. एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा कि कथित तौर पर निर्जलीकरण के कारण दोनों की मौत हो गई.
पुलिस को शनिवार 28 जून को तनोट इलाके में किशोर की सड़ी हुई लाशें मिलीं, साथ ही लड़के के चेहरे के पास एक खाली जेरी कैन भी मिला. SP ने बताया- लड़के का शव आसमानी नीले रंग की सलवार और कुर्ता पहने एक पेड़ के नीचे मिला. उसके चेहरे के पास एक खाली जेरी कैन मिला, जिसमें शायद पहले पानी था. पुलिस को उसके शव के पास एक पीले रंग का दुपट्टा और एक मोबाइल फोन भी मिला.
लड़की का शव लड़के से करीब 50 फीट दूर मिला. उसने पीले रंग का घाघरा (पारंपरिक स्कर्ट) और कुर्ता पहना हुआ था और लाल और सफेद रंग की चूड़ियां पहनी हुई थीं. पुलिस ने बताया कि दोनों शवों का चेहरा नीचे की ओर था और वे चेहरे की पहचान से परे सड़ चुके थे. एसपी ने बताया- दोनों शव कई दिन पुराने लग रहे थे, जो सड़ने के कारण काले पड़ गए थे. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों की मौत निर्जलीकरण के कारण हुई है. शवों के पास मिले पाकिस्तानी पहचान पत्रों से पुलिस को उनकी राष्ट्रीयता का पता चला.
दंपति अवैध रूप से भारत क्यों आए?
सीमांत लोक संगठन के जिला समन्वयक दिलीप सिंह सोधा ने बताया कि लड़का पाकिस्तान के सिंध प्रांत का रहने वाला था. उसने करीब डेढ़ साल पहले भारत के लिए तीर्थयात्रा वीजा के लिए आवेदन किया था. सीमांत लोक संगठन देश में पाकिस्तानी अल्पसंख्यक प्रवासियों के अधिकारों की वकालत करने वाला समूह है. सोधा ने बताया कि जब लड़के को भारतीय वीजा मिलने की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं तो उसने अपनी पत्नी के साथ सीमा पार करने का फैसला किया. सोधा ने बताया- वह भारत में रहना चाहता था. वह किसी तरह भारतीय क्षेत्र में घुस गया, लेकिन दुर्भाग्य से बेहतर जीवन की उम्मीद में उसकी मौत हो गई. अधिकारी ने मृतक के पहचान पत्रों का विवरण सोशल मीडिया पर प्रसारित किया और जैसलमेर में लड़के के रिश्तेदारों से संपर्क किया, जिन्होंने बाद में उसकी पहचान की पुष्टि की.
भारत में मिला पाकिस्तानी जोड़े का शव
लड़के के रिश्तेदारों के अनुसार, उसकी बाइक शव से करीब 20 किलोमीटर दूर मिली थी और शव भारत के अंदर करीब 12-13 किलोमीटर दूर मिले थे. सोधा ने कहा- इससे पता चलता है कि वो रेगिस्तान में कई किलोमीटर तक चले थे. उनके पास एक जेरी कैन था जो लड़के के चेहरे के पास मिला. इससे पता चलता है कि उनका पानी खत्म हो गया था और पानी की कमी के कारण उनकी मौत हो गई.
इसके अलावा, जैसलमेर सर्किल अधिकारी रूप सिंह इंदा ने कहा कि पुलिस ने स्थानीय विदेशी पंजीकरण कार्यालय से लड़के के वीजा आवेदन के बारे में जानकारी मांगी है. दंपति के शवों का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से कर दिया गया है. दुखद घटना की आगे की जांच चल रही है.
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