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सिविल अस्पताल में तेल घोटाला: विजिलेंस जांच के बाद हुई सख्त कार्रवाई

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बठिंडा: सिविल अस्पताल बठिंडा में लाखों रुपये के तेल घोटाले की विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग ने सिविल अस्पताल के तत्कालीन एसएमओ, सीनियर सहायक सीनम और कंप्यूटर ऑपरेटर जगजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि विभाग ने इसे “प्रशासनिक कारणों” से लिया गया फैसला बताया है, मगर अंदरखाने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर तेल घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस कथित घोटाले की शिकायत गांव घुद्दा के निवासी हरतेज सिंह भुल्लर ने पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी विजिलेंस को की थी। शिकायत में बताया गया कि तत्कालीन एसएमओ और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर करीब 30 लाख रुपये का तेल घोटाला किया। आरोप है कि डीजल और पेट्रोल के फर्जी बिल पास किए गए और उन वाहनों में भी तेल दिखाया गया, जो अस्पताल में हैं ही नहीं। यहां तक कि कुछ गाड़ियों की नंबर प्लेट भी रिकॉर्ड में नहीं मिली।

हरतेज सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने 2 अप्रैल 2025 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह को लिखित शिकायत सौंपी थी। जिसके बाद एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने सिविल अस्पताल आकर मामले की जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने विजिलेंस विभाग के डायरेक्टर को शिकायत भेजी, जिनके निर्देश पर अब बठिंडा विजिलेंस ब्यूरो जांच में जुट गया है।

हरतेज सिंह का दावा है कि अस्पताल में डोप टेस्ट और मरीजों की पर्चियों से संबंधित कार्यों में भी बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताएं हुई हैं। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस टीम ने सिविल अस्पताल से संबंधित कई दस्तावेज जब्त किए हैं और आगे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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