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किस दर्द में था पुखराज का परिवार? पति-पत्नी और दो बेटियों ने खाया जहर, 3 लोगों की मौत

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बिजनौर के नूरपुर के टंडेरा गांव में गरीबी और कर्ज की वजह से एक परिवार के चार लोगों ने जहर खा लिया. बताया जा रहा है गांव निवासी पुखराज सिंह ने अपनी पत्नी रमेशिया प्रजापति और दो बेटियों के साथ मिलकर घर में सल्फास खा लिया. पुखराज की पत्नी रामेशिया (50), बेटी अनीता (21) और सुनीता (19) मौत हो चुकी है.

वहीं 53 साल के पुखराज का बेहद नाजुक हालत में मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है. जहां उसकी हालत भी सीरियस है. जानकारी के अनुसार, परिवार की माली हालत बेहद दयनीय थी. झोपडी में रह कर गुजर बसर कर रहे परिवार के पास सिर छिपाने के लिए पक्का घर तक नही था. जबकि कई बार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवासीय योजना से मकान बनवाने के लिये पुखराज प्रजापति ने फार्म भी भरा था.

छह लाख हो चुका था कर्ज

इतना ही नहीं शादी लायक हो चुकी दो जवान बेटियों के हाथ पीले करने की चिंता पूरे परिवार को दिन रात खाये जा रही थी. ऊपर से पुखराज पर कुछ लोगों का तीन लाख का कर्ज था. जो चुकाते चुकाते छह लाख हो चुका था. पुखराज ईट भट्टे पर घोडे तांगे से ईट ढोकर जो कुछ कमा रहा था, उसमें बमुश्किल घर खर्च और कर्ज का ब्याज ही चुका पा रहा था.

कर्ज घटने की जगह लगातार बढ़ रहा था

कर्ज की रकम घटने की जगह लगातार बढ़ती जा रही थी. इसी कर्जे की जिल्लत और गरीबी से छुटकारा पाने के लिए शुक्रवार को पुखराज ने पत्नी और दो बेटियों के साथ सल्फास खा लिया. पुखराज की जिन दो बेटियों की मौत हुई, उसके अलवा उसकी बड़ी बेटी और एक बेटा भी है. बेटे का नाम सचिन है. सचिन भी ईट भट्टे पर मजदूरी करता है.

बेटे ने क्या बताया

घटना वाली रोज वह सुबह पांच बजे भट्टे पर मजदूरी करने चला गया था. सचिन ने बताया कि बरसात में घर की छत पर पड़ी प्लास्टिक की पन्नी से भी पानी टपकता था. नई पन्नी लाने के लिए वह चार पांच दिनों से डबल मजदूरी कर रहा था. वहीं 25 तारीख को दस हजार रूपये की कर्जे की किस्त देनी थी, लेकिन दो दिन निकल गए थे.

कोई न कोई लेनदार रोज तगादा करता था

बेटे ने बताया कि दिन रात कड़ी मेहनत और मजदूरी के बाद भी रुपये नहीं इक्कट्ठे हो रहे थे. पूरा घर परेशान हाल में था. इसी वजह से उसके मां-बाप और बहनों ने जीवन से छुटकारा पाने को सल्फास खा लिया. बता दें कि कर्ज की वजह से कोई न कोई लेनदार रोज पुखराज से तगादा करता था, जिससे तंग आ कर पुखराज और पूरा घर टेंशन में रहता था.

10 लोगों और 2 फाइनेंस कम्पनियों के खिलाफ केस दर्ज

गरीब परिवार द्बारा जहर खाने की घटना के बाद बिजनौर के प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में ब्याज पर रुपये बांटने वाले दस लोगों और दो फाइनेंस कम्पनियों के खिलाफ उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है. डीएम बिजनौर जसजीत कौर ने बताया कि इस दुखद घटना की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई हैं.

उन्होंने बताया कि कर्ज चुकाने और कुछ आपसी कलह क्लेश की बात भी सामने आई है. अभी ब्याज पर रुपये देकर उत्पीड़न करने वाले दस लोगों और दो फाइनेंस कम्पनी संचालकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है.

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