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चारधाम यात्रा पर मानसूनी आफत! 24km चलकर भक्त पहुंच रहे बाबा केदार के दर, रास्ते में गिर रहे पत्थर

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उत्तराखंड के सोनप्रयाग से दो किलोमीटर दूर मुनकटिया क्षेत्र केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए नासूर बन गया है. ये पिछले कई सालों से पुलिस, जिला प्रशासन और केदारनााथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सिर दर्द बना हुआ है. केदार घाटी में हो रही बरसात के कारण मुनकटिया में पहाड़ी से पत्थर गिर जाते हैं, जिससे रास्ता बाधित हो जाता है. फिर श्रद्धालु परेशान होते हैं. एक बार फिर कुछ ऐसा ही हुआ है.

रुद्रप्रयाग जिले के कोतवाली सोनप्रयाग क्षेत्र में मुनकटिया के पास आज पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरे हैं. इससे सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक का रास्ता बाधित हो गया है. यात्रा को अगले चार पांच घंटे तक रेाक दिया गया है. जिससे यात्रीयों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ेगा. जो रास्ता बाधित हुआ है वो शटल सेवा के संचालन में उपयोग में आने वाला रास्ता है. यहां पर वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता पूर्ण रूप से बंद है.

गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम तक का पैदल मार्ग भी चुनौतीपूर्ण

प्रशासन ने अस्थायी रूप से रास्ते को पैदल चलने लायक बनाया है. श्रद्धालुओं के ग्रुप को इस क्षेत्र से पैदल पार करवाया जा रहा है और सुरक्षित जगह पर भेजा जा रहा है. बता दें कि लगातार हो रही बारिश के कारण गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम तक का 24 किलोमीटर का पैदल मार्ग भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. ऐसे में श्री केदारनाथ धाम आ रहे श्रद्धालुओं से अपील है कि वे मौसम पूर्वानुमान के हिसाब से अपनी यात्रा प्लान करें. साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में अपनी यात्रा करें.

भूस्खलन से गोविंदघाट के पास NH-7 अवरुद्ध

वहीं आज यानी 25 जून को भूस्खलन से गोविंदघाट के पास एनएच-7 अवरुद्ध हो गया, जिससे महत्वपूर्ण बद्रीनाथ मार्ग बाधित हो गया और श्री बद्रीनाथ और श्री हेमकुंड साहेब के लिए तीर्थयात्रियों की आवाजाही रुक गई. हालांकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने तत्काल अभियान शुरू किया और 7:30 बजे तक, यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया, जिससे यात्रा फिर शुरू हो गई.

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