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Jalandhar MLA Raman Arora के बाद अब पार्षद पति की Audio वायरल, मचा बवाल

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जालंधर: विधायक रमन अरोड़ा के बाद अब आम आदमी पार्टी के एक पार्षद पति की ऑडियो वायरल हुई है। यह रिकार्डिंग व्हाट्सएस कॉल की है जिसकी बतौर वीडियो बनाई गई है। 50 सैकेंड की इस बातचीत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले फंड की कमीशन का जिक्र किया जा रहा है।

नॉर्थ हलके का पूर्व पार्षद एवं पार्षद पति की पहले से ही प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले की जांच विजीलैंस कर रही है। इस केस में कई लोगों के बयान भी हो चुके हैं जिन्हें अवैध तरीके से फंड दिलाया गया जबकि उनके घर भी पक्के थे। सूत्रों ने दावा किया कि फंड मिलने से पहले ही योजना का लाभ लेने वाले लोगों से कमीशन के चैक ले लिए जाते थे और फंड आते ही तय कमीशन की रकम निकाल ली जाती थी। इसमें नगर निगम के क्लर्क का नाम भी उछल रहा है जो पक्के घर होने के बावजूद फर्जी तस्वीरें लगा कर फाइल तैयार करता था। यह मात्र एक रिकार्डिंग सामने आई है परंतु ऐसे सैंकड़ों घर हैं, जिनके घर पक्के थे और उन्हें बालियां वाली छतें दिखा कर फंड दिलाया गया और फिर कमीशन की रकम ले ली गई। आडियो में जो व्यक्ति पार्षद पति से बात कर रहा था, उसका 1.75 लाख रुपए का फंड पास हुआ था, जिसे अभी तक 1.12 लाख रुपए ही मिले हैं और उससे 50 हजार रुपए की कमीशन मांगी गई। जैसे ही फंड उस व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए तो निगम का एक अधिकारी ने उसे फोन करना शुरू कर दिया था। अधिकारी के कॉल से डर कर ही इस व्यक्ति ने पार्षद पति को फोन किया और उसे 40 हजार रुपए तक देने को कह रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए घोटाले को लेकर पंजाब केसरी पहले ही खुलासा कर चुकी है जिसको लेकर उन पक्के घरों की तस्वीरें भी प्रकाशित की गई थी जिन्हें बालियां वाली छतें बोल कर फंड जारी करवाए गए थे।

विजीलैंस के पास भी पहुंची आडियो
सूत्रों की मानें तो जैसे ही आडियो वायरल हुई तो उक्त ऑडियो विजीलैंस के अधिकारियों तक भी पहुंच गई। पहले से ही इस केस की जांच विजीलैंस कर रही है, लेकिन विधायक रमन अरोड़ा के केस के बाद इस मामले की जांच ठप्प हो गई थी। ऑडियो मिलने के बाद अब जाहिर है कि विजीलैंस की टीम इस मामले जांच कर सच्चाई का पता लगाएगी। हालांकि पंजाब केसरी इस वायरल हुई आडियो की पुष्टि नहीं करता लेकिन बात करने वाले बुजुर्ग व्यक्ति के बैंक खाते की डिटेल निकलवाई जाए तो सच सामने आ सकता है। बैंक खाते से फंड आने के बाद कितने पैसे निकले और कहां लगे यह विजीलैंस जांच कर सकती है।

वायरल हुई ऑडियो

पार्षद पति: मैनू नहीं समझ आंदी तुहाड़ी गल्ल।

बुजुर्ग: नई मैं जनाब, मैनू कोई फोन करी जांदा, केंहदां कोई बालियां वाली छत्त

पार्षद पति: बात काटते हुए- अफसरां ने तां करना ही है फोन, अफसरां दां ता हक्क बनदा। मैं थोड़ा रोक सकता तुहाणु फोन करन तों।

बुजुर्ग: मेरी गल्ल सुनों, घर कलैश पिया, तुसीं पैसे लो, मेरी जान छुड़ाओ, नई चंगा लगदा।

पार्षद पति: आजो मेरे कोल, जदों तुसीं फ्री होवोगे आ जियों मेरे कोल।

बुजुर्ग: नई फेर जे बालियां दी छतां दे पैसे थोड़े है ता ले लो मेरे कोलो। जिन्ने कहा है मैं दे दिदां। 40 हजार रुपए।

पार्षद पति: आ जाओ-आ जाओ मैं दस मिनट तक घर पहुंच जाना।

बुजुर्ग: बाहर हो तुसीं?

पार्षद पति: हांजी। मैं कॉरर्पोरेशन बैठां। 15 मिनट तक पहुंच जाना आ जाओ तुसीं।

बुजुर्ग: नबेड़ो तुसीं, मैनू फोन करी जांदा।

पार्षद पति: आ जाओ- आ जाओ- मैं पुच्छ वी लैंदा। (फोन काट दिया)

इस रिकार्डिंग में कई बार बुजुर्ग की बात को काट कर भी बोल रहे थे ताकि बुजुर्ग को कह रहा है वह या तो सुनाई न दें या फिर अपनी बात पुरी न बोल सके।

वहीं उक्त ऑ़डियो पर बोलते पार्षद पति का बयान सामने आया है, उनका कहना है कि मुझे पता लगा कि कोई रिकार्डिंग वायरल हुई है लेकिन वह मेरी आवाज नहीं है। मुझे लगता है कि यह चुनावों की है, जिसमें हमें हराने के लिए विरोधी पार्टियों ने यह दाव खेला था। ऐसे कई एप आ चुके हैं जिसमें आवाज का पता नहीं लगता। मेरी ऐसी कोई बातचीत किसी के साथ नहीं हुई है।

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