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जेल में बैठ कर भी नगर निगम को कंट्रोल कर रहा MLA Raman Arora? हर तरफ हो रही चर्चा

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जालंधर: रामामंडी में पांच मंजली अवैध इमारत बनने की खबरें प्रकाशित होने के बाद इमारत मालिक ने निर्माणकार्य तेज तो कर ही दिया लेकिन निगम की टीम ने भी कोई एक्शन नहीं लिया। चर्चा है कि अभी भी विधायक रमन अरोड़ा जेल में बैठ कर निगम को कंट्रोल कर रहा है जिसके कारण निगम के अधिकारियों ने रामामंडी जाकर अभी तक कोई चैकिंग नहीं की।

शनिवार को इमारत के मालिक ने काफी श्रमिक बुलाए हुए थे ताकि काम जल्द खत्म हो सके। हैरानी की बात है कि करोड़ों के भ्रष्टाचार के इस केस में निगम के कुछ अधिकारी एक्शन मोड़ पर नहीं आ रहे जिसका फायदा अवैध कब्जे करने वाले सरेआम ले रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो ऐसे अधिकारी विजिलेंस ब्यूरो की रेंज में आ सकते हैं जिनके पास अब विधायक के दबदबे का बहाना भी नहीं होगा। उधर शेखां बाजार में चाइना डोर का अवैध कारोबार करने वालों पर भी शिकंजा जल्द कंसा जा सकता है।

विधायक रमन अरोड़ा के आशीर्वाद से अर्बन स्टेट में आलीशान कोठी बनवा रहा है रजिस्ट्री क्लर्क

विधायक रमन अरोड़ा के लिए फर्जीवाड़े करके जाली दस्तावेज बनाने वाले चश्मेवाले रजिस्ट्री कलर्क ने अर्बन स्टेट में आलीशान कोठी बनानी शुरू कर दी थी। हालांकि इसी बीच विधायक की गिरफ्तारी हो गई लेकिन मात्र 3 सालों में काफी कम सैलरी में करीब 8 मरले का प्लाट खरीदना और फिर उस पर कोठी बनवाना विजिलेंस की रडार पर आने के लिए कम नहीं होगा।

2 सालों में 222 नोटिस जारी किए लेकिन रिकार्ड में मात्र 58

विधायक रमन अरोड़ा के साथ मिल कर गिरफ्तार हो चुके ए.टी.पी. सुखदेव वशिष्ट 2 सालों में 222 नोटिस इमारत मालिकों को जारी कर चुका है। जांच में पता लगा कि 222 नोटिस तो जारी हुए लेकिन रिकार्ड में मात्र 58 ही मिलें। 20 फरवरी से लेकर 18 मार्च तक ए.टी.पी. वशिष्ट ने 81 नोटिस जारी किए थे जिनमें से किसी का भी रिकार्ड नहीं मिला है।

जांच में यह भी बात सामने आई है कि विधायक के साथ साथ उनका बेटा राजन अरोड़ा भी इमरात मालिकों से मीटिंग करके फीस तय करता था। अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है जबकि जमानत की अर्जी माननीय अदालत पहले से ही खारिज कर चुकी हैं। हालांकि राजन अरोड़ा के दुबई में भागने के सबूत मिले थे जिसके चलते भी उसकी गिरफ्तारी में देरी हो रही है। अरोड़ा के समधी राजू मदान की गिरफ्तारी न होने के कारण काफी राज छिपे हुए हैं, लेकिन राजू मदान की गिरफ्तारी के बाद कई लोगों के नाम सामने आना तय है जो रमन अरोड़ा के भ्रष्टाचार के सम्राज्य के सेनापति बन बैठे थे।

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