Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

चमोली में शुरू होने से पहले ही गिर गया पुल, ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज; जानें कितना हुआ था खर्च

33

उत्तराखंड के चमोली जिले से निर्माणाधीन 60 मीटर बैली ब्रिज के ढह जाने की खबर है. ये बैली ब्रिज चमोली जिले के थराली तहसील में रतगांव के ढाढरबगड़ गदेरे में ढहा. ढाढरबगड़ में लगभग 60 मीटर लंबा बेली ब्रिज निर्माणाधीन था. बैली ब्रिज के ढहने से रतगांव की 4000 से अधिक आबादी प्रभावित हुई है. बैली ब्रिज के ढहने से 4000 से अधिक आबादी का मुख्य रास्ते से संपर्क कट गया है. इस ब्रिज की लागत 2.80 करोड़ों रुपये थी.

ब्रिज ढहने को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से थराली थाने में ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी गई है. पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि ये निर्माणाधीन ब्रिज इसलिए ढहा, क्योंकि ठेकेदार के श्रमिकों ने रस्से और सपोर्ट एक साथ हटा दिए. यही कारण है कि ब्रिज भार नहीं सह सका और टूटकर गदेरे में जा गिरा. उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की ओर से साल 2024 यानी की पिछले वर्ष डूंगरी-रतगांव रास्ते पर घटगाड़ में ये 60 मीटर लंबा बैली ब्रिज बनाने की स्वीकृति दी गई थी.

2 महीने पहले ही इस ब्रिज को बनाना शुरू किया

लोक निर्माण विभाग ने दो महीने पहले ही इस ब्रिज को बनाना शुरू किया था. ब्रिज का निर्माण काम करीब पूरा हो गया था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते ये पुल ढह गया और टूटकर गिर गया. अच्छी बात ये रही कि जिस समय ये ब्रिज गिरा, उस समय ब्रिज पर कोई नहीं था नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ब्रिज के निर्माण की जांच की जाए. साथ ही लोगों की मांग है कि इस ब्रिज को बरसात से पहले बनाया जाए.

साल 2018 में बहा था ब्रिज

गौरतलब है कि डूंगरी रतगांव मोटर मार्ग पर इसी जगह पर साल 2013 में पुल का निर्माण किया गया था. पुल बाढ़ में बह गया था. इसके बाद 2015-16 में बैली ब्रिज बनाया गया. साल 2018 में जो आपदा आई उसमें ये बैली ब्रिज उसमें बह गया. इस आपदा में ढाढरबगड़ की कई दुकानें, आवासीय भवन और वाहन भी बह गए.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.