चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश के गांवों और शहरों के छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ा ऐलान किया गया है। मीटिंग के दौरान पंजाब सरकार ने दुकानदारों पर लागू इंस्पेक्टर राज को खत्म करने का फैसला लिया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि छोटे दुकानदारों की यह लंबे समय से मांग रही थी कि उन्हें इंस्पेक्टरी राज का सामना करना पड़ता है। अब पंजाब दुकान और व्यापारिक स्थापना अधिनियम, 1956 में बड़े बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब केवल उन दुकानदारों को कर्मचारियों का रिकॉर्ड देना होगा जिनके यहां 20 से अधिक हेल्पर काम करते हैं। अगर किसी दुकान में 20 से कम कर्मचारी हैं, तो उनसे कोई जानकारी नहीं मांगी जाएगी। जबकि 20 से अधिक कर्मचारियों की स्थिति में 6 महीने बाद उनका पूरा रिकॉर्ड देना अनिवार्य होगा।
पहले एक या दो हेल्पर रखने पर भी दुकानदारों को पूरी जानकारी देनी पड़ती थी। लेकिन अब इस बोझ से राहत मिलेगी और इंस्पेक्टर राज की लूट का शिकार दुकानदार नहीं होंगे।इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि कर्मचारियों का ओवरटाइम समय बढ़ा दिया गया है। अब कर्मचारी 3 महीनों में 50 घंटे अतिरिक्त काम कर सकेंगे, जिससे उनकी आमदनी में भी इज़ाफा होगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले दुकानों पर हेल्पर रखने की मंज़ूरी के लिए काफी समय लग जाता था, लेकिन अब यह मंज़ूरी पोर्टल के माध्यम से 24 घंटे के भीतर मिल जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब का हर छोटा व्यापारी खुलकर काम करे और पंजाब को आगे बढ़ाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस संशोधित अधिनियम को जल्द ही विधानसभा में पेश किया जाएगा, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
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