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कलेक्ट्रेट में नत्थू के नाम से लगवाए कलेक्टर किशोर कुमार ने पेड़,अफसरों को लगाई फटकार, जानिए पूरा मामला

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गुना : आरोन तहसील के जामुन टाडा गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। एक बुजुर्ग किसान नत्थू अहिरवार के सालों से पाले गए पेड़-पौधों को उनके पड़ोसी ने बेरहमी से काट दिया। इस घटना ने नत्थू अहिरवार को गहरा सदमा पहुंचाया, जिसके बाद उन्होंने कटे हुए पेड़ लेकर सीधे कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से न्याय की गुहार लगाई। संवेदनशील कलेक्टर ने न केवल उन अधिकारियों को फटकार लगाई, जिन्होंने नत्थू की जमीन का सीमांकन किया था, बल्कि जिन पेड़ों को पड़ोसियों द्वारा काटा गया था, उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में नत्थू के नाम से लगवा दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुए एक जमीन सीमांकन के दौरान किसान नत्थू अहिरवार की लगभग 2 बिस्वा जमीन पड़ोसी किसान को हस्तांतरित हो गई। इस जमीन पर नत्थू अहिरवार ने पिछले 2 से 5 सालों में करीब एक दर्जन पेड़-पौधे लगाए थे, जो अब बड़े हो चुके थे और फल देने लगे थे। आरोप है कि जमीन मिलने के बाद गुस्साए पड़ोसी ने इन पेड़-पौधों को बड़े ही निर्दयता से काट दिया। वृद्ध नत्थू अहिरवार के लिए यह अत्यंत पीड़ादायक था। उन्होंने बताया कि एक पेड़ को बड़ा करने में कितनी मेहनत और समय लगता है, ऐसे में जब कोई उन्हें नुकसान पहुंचाता है तो हृदय को बहुत ठेस पहुंचती है। अपने काटे हुए पेड़-पौधों को लेकर वे कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के पास पहुंचे।

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बुजुर्ग नत्थू अहिरवार की बात को बड़ी गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने तत्काल गलत सीमांकन के मामले में अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। इतना ही नहीं, कलेक्टर ने नत्थू अहिरवार द्वारा लाए गए कटे हुए पेड़-पौधों को अपने ही कलेक्ट्रेट परिसर में लगवाया। जिन पेड़-पौधों को ज्यादा नुकसान हुआ था, उनके स्थान पर नए पौधे मंगवाकर अधिकारियों से नत्थू अहिरवार के नाम पर लगवाए गए। यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार एक जागरूक नागरिक और एक संवेदनशील अधिकारी मिलकर न्याय स्थापित कर सकते हैं।

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