Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

गैंगरेप में मिली बेल तो 7 आरोपियों ने मनाया जश्न, कार-बाइक पर निकाला विजय जुलूस… वीडियो वायरल होते ही एक्शन

21

कर्नाटक से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. यहां हावेरी जिले के अक्की-अलूर गांव में गैंगरेप के सात आरोपियों जमानत मिली, जिसके बाद जश्न मनाया गया. उन्होंने कार और बाइक पर सवार को विजय जुलूस निकाला. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो वायरल होने के बाद आम जनता में नाराज हो गई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा. इस मामले में सात में चार आरोपियों को फिर गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस तीन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. इन सभी सात आरोपियों की 20 मई को जेल से रिहाई की गई थी. सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में नया मामला दर्ज किया है. एसपी एके श्रीवास्तव ने कहा कि सात संदिग्धों में से चार को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी तीन आरोपी फरार हैं. उनकी तलाश की जा रही है. बेल की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर कोर्ट में आरोपियों की जमानत रद्द करने की याचिका दायर की गई है.

ये है पूरा मामला

हावेरी जिले के इस मामले की शुरुआत साल 2024 में एक निजी लॉज पर अटैक के साथ हुई थी. एक अंतरधार्मिक जोड़े ने कुछ लोगों पर लॉज में हमलाकर करके मोरल पुलिसिंग का आरोप लगाया था. बाद में इस मामले में 26 साल की महिला ने कहा था कि हमलावरों ने लॉज पर हमला किया. फिर उसके साथ जंगल में गैंगरेप किया. पीड़िता ने 164 के तहत एक मजिस्ट्रेट के सामने भी यही बयान दिया था. इसके बाद उसने एक आधिकारिक पहचान परेड के दौरान आरोपियों की पहचान की.ये पहचान परेड हंगल तहसीलदार की मौजूदगी में आयोजित की गई थी.

हालांकि इस साल पीड़ित महिला कथित तौर पर अपनी पिछली गवाही से मुकर गई या उसे बरकार नहीं रख सकी, जिसके बाद आरोपियों को जमानत दे दी गई. आरोपी 17 महीने से अधिक समय तक जेल में बंद थे. वो जमानत पर जेल से बाहर आए थे. आरोपियों की पहचान आफताब चंदनकट्टी, मदार साब मंडक्की, समीवुल्ला लालनवर, मोहम्मद सादिक अगासिमानी, शोएब मुल्ला, तौसीप चोटी और रियाज साविकेरी के रूप में हुई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.