मध्य प्रदेश को यूं ही सबसे अजब-गजब नहीं कहा जाता है. यहां के घोटाले भी अजीबोगरीब होते हैं. हाल ही में चम्मच घोटाला, डामर घोटाला और नगर निगम कचरा घोटाले के साथ-साथ बिहार की तर्ज पर धान घोटाला चर्चा में आया था और अब सिवनी जिले में सर्पदंश घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. इस घोटाले में 47 मृत व्यक्तियों के नाम पर बार-बार फर्जी मृत्यु का दावा कर शासन की राशि का गबन किया गया.
इस गबन की कुल राशि 11 करोड़ 26 लाख रुपये बताई जा रही है. इस घोटाले को एक नहीं बल्कि कई कर्मचारी और अधिकारियों ने मिलकर किया. आरोपी सचिव सहायक ने तहसील और जिला स्तर पर मौजूद अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से शासन के वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) को गुमराह किया. जांच में सामने आया है कि मृत व्यक्तियों के नाम पर बिना मृत्यु प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन और पीएम रिपोर्ट के ही बिल पास किए जाते रहे.
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