चंडीगढ़: चंडीगढ़ के खाली पड़े 11 ठेकों में से सोमवार को सिर्फ एक ही ठेके की नीलामी हुई। इंडस्ट्रियल एरिय फेस एक स्थित एमडब्लू मार्केट का ठेका चार करोड़ 45 लाख का कुलबीर राणा ने लिया है। इससे पहले यह ठेका दस करोड़ में निशा कार्की ने लिया था लेकिन ठेके की सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करवाने के चलते ठेकेदार को एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग ने ब्लैकलिस्ट कर दिया था। अब चंडीगढ़ में दस ठेके नीलाम होने के लिए बच गए है। ठेकों की नीलामी की तारीख आज तय होगा। इससे पहले 14 मई को हुई नीलामी में 17 में से सिर्फ 6 शराब के ठेके बिक सके थे। इनसे विभाग को 24.32 करोड़ की तय कीमत के मुकाबले 39.60 करोड़ रुपए की कमाई हुई। वही 8 मई की नीलामी में 21 में से 11 ठेकों की नीलामी हुई थी और विभाग को 60.76 करोड़ रुपए मिले थे जबकि इनकी आरक्षित कीमत 47.97. करोड़ रुपए थी।
एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग ने करोड़ो रुपए की बोली लगाने के बाद ठेकों की फीस जमा नहीं करवाई थी। इसलिए अब विभाग ने सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करवाने वाले ठेकेदारों और कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जिनमें वे सेक्टर-20डी (विजेंदर), सेक्टर-22बी 2 ठेके (कमल कर्की अजय महरा), सेक्टर-22सी 2 ठेके (कमल कार्की, अजय महरा), इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 (निशा कार्की) और मनीमाजरा शिवालिक गार्डन के सामने (नीरज शर्मा) में स्थित हैं। इन सभी ठेकों को अब दोबारा नीलामी में शामिल किया जाएगा। इससे पहले 29 अप्रैल को हुई तीसरी नीलामी में 28 में से केवल 7 ठेके ही नीलाम हो सके थे। वहीं 21 अप्रैल को 48 टेकों की नीलामी रखी गई थी, जिनके लाइसेंस बैंक गारंटी न जमा करने की वजह से रद्द किए गए थे, लेकिन तब भी सिर्फ 20 ठेके ही बिके। 21 मार्च को हुई सबसे बड़ी नीलामी में 97 में से 96 ठेकों की नीलामी सफल रही थी, जिससे सरकार को 606 करोड़ रुपए की आमदनी हुई थी।
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