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पाकिस्तान से छीनो एटम बम… दुनिया में कौन-कौन हैं खतरे वाले परमाणु जोन?

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स वक्त पूरी दुनिया में एटम बम का शोर है. पाकिस्तान से लेकर रूस तक और ईरान से लेकर फ्रांस तक परमाणु बम चर्चाओं में है. पाकिस्तान को पिछले हफ्ते ही भारत ने सैन्य पटखनी दी है, जिसके बाद पाकिस्तानी फ्रिंज एलिमेंट भारत पर परमाणु हमले की बात कह रहे हैं. इसके खिलाफ भारत से एक बुलंद आवाज उठी है और ये मांग मुखर हो गई है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार IAEA यानी International Atomic Energy Agency अपने कब्जे में ले ले.

परमाणु हथियारों का दूसरा परिदृश्य यूरोप और रूस में उभरा है. फ्रांस को अहसास हो गया है कि रूस से उसे कभी भी परमाणु खतरा पैदा हो सकता है. इसलिए फ्रांस परमाणु कवच बनाने की ओर बढ़ रहा है, इस परमाणु कवच के घेरे में पूरा यूरोप होगा, लेकिन रूस को ये बात चुभ रही है. रूस अपने तरीके से परमाणु चाल चलने में जुटा है. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एटम बम की चर्चा, फ्रांस पूरे यूरोप को न्यूक्लियर कवच देगा और एटम बम तैनात कर रहा है. इधर नाटो की एटमी तैयारी के बाद रूस ने भी न्यूक्लियर तैयारी का फैसला किया है.

परमाणु जोन कौन-कौन से हैं?

दुनियाभर में खतरे वाले परमाणु जोन कौन-कौन से हैं? इनमें पाकिस्तान, ईरान, उत्तर कोरिया, रूस, फ्रांस ये वो देश हैं जिनपर अमेरिका ने चिंता जताई है. अमेरिका समय-समय पर इनके खिलाफ अभियान भी छेड़ चुका है, लेकिन इन देशों से परमाणु खतरा लगातार बना हुआ है. इसके अलावा रूस और फ्रांस की परमाणु तनातनी भी दुनिया के लिए खतरा बनी हुई है. रूस यूरोप पर परमाणु हमले की धमकी देता ही रहता है, लेकिन अब इस धमकी को यूरोप के देशों ने बेहद गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है.

सबसे पहले बात करते हैं पाकिस्तान के परमाणु बम की. पाकिस्तान के परमाणु बम पर हमेशा खतरा बना रहता है. अचानक ये चर्चा फिर पूरी दुनिया में तेज हो गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल एक बड़ा बयान दिया, जिसके बाद बहस शुरू हो गई. रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान का परमाणु हथियार सुरक्षित हाथों में नहीं हैं. पाकिस्तान के एटमी हथियार IAEA यानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी कि निगरानी में लिए जाने चाहिए. राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि भारत ने पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एटमी धमकी के बावजूद करारा जवाब दिया गया.

पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम वहां के परमाणु वैज्ञानिक A.Q. खान की चुराई गई तकनीक से शुरू हुआ, जिसे लोग “चोरी का परमाणु कार्यक्रम” कहते हैं. अब इसी से बने परमाणु बम के चोरी होने का संकट मंडरा रहा है. आखिर कैसे है पाकिस्तान का परमाणु बम असुरक्षित?

पाक के कई परमाणु वैज्ञानिक 4 महीने से गायब

एक रिपोर्ट में बताया गया कि TTP की परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश है. पिछले महीने TTP के हमले को नाकाम किया गया. TTP के 9 सदस्यों ने हथियारों पर कब्जे की योजना बनाई. कराची के मसरूर एयरबेस पर TTP की साजिश सामने आई. मसरूर एयरबेस में परमाणु बम रखे गए हैं. कई परमाणु वैज्ञानिक पिछले 4 महीने से गायब हैं. पाकिस्तान में उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है. TTP ने परमाणु ऊर्जा आयोग के 18 लोगों को अगवा किया है.

आखिर कैसे दुनिया के बड़े देश पाकिस्तान को एटमी हथियारों पर अलर्ट कर चुके हैं, कैसे दुनिया पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा खतरा मानती है. ये भी जानना जरूरी है. अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों को डर है. उन्हें भय सता रहा है कि परमाणु बम लश्कर, TTP के हाथों में जा सकते हैं. 9/11 हमले के बाद से अमेरिका की सोच बदली है. पाक एटमी बम को US की सुरक्षा के लिए खतरा माना है. वहीं, अमेरिका पाकिस्तानी कंपनियों पर बैन भी लगा चुका है.

एटम बम छीनने की क्या है ये परिकल्पना?

पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका में भी आशंकाओं के बादल मंडराते रहते हैं, ऐसे में अमेरिका में पाकिस्तान से एटम बम छीनने की परिकल्पना पर भी चर्चा हुआ. अमेरिकी खुफिया और सैन्य हलकों में Nuclear Snatch Operation या Render Safe Mission जैसी योजनाओं की चर्चा लंबे समय से होती रही है. ये योजनाएं ऐसी स्थिति में इस्तेमाल के लिए होती हैं, जब किसी देश के परमाणु हथियार असुरक्षित हो जाएं, या आतंकी समूहों के हाथ लगने का खतरा हो.

विकीलीक्स और वॉशिंगटन पोस्ट जैसे स्रोतों में समय-समय पर ये खुलासा हुआ है कि अमेरिका पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित रहा है. 2010 में द टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने एक विशेष यूनिट बनाई है जो परमाणु हथियारों को जब्त करने या निष्क्रिय करने के लिए तैयार है.

2011 में ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में मारे जाने के बाद, पाक-अमेरिकी रिश्तों में तनाव आया था. उस समय ये बात जोर शोर से चली कि अमेरिका ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों की पहचान कर ली है. 2011 में एनबीसी न्यूज़ की रिपोर्ट में कहा गया, अमेरिका के पास पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को सुरक्षित करने के लिए गुप्त योजनाएं हैं, जिनमें जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड शामिल हैं.

पाकिस्तान के हाथ में परमाणु बम

बताया जाता है कि पाकिस्तान के पास 130 से 170 परमाणु हथियार हैं. उसके परमाणु ठिकाने काला चिट्टा दहर माउंटेन रेंज इस्लामाबाद के पश्चिम में सरगोधा बेस, काहूटा रिसर्च लैबोरेटरी रावलपिंडी के पास चश्मा न्यूक्लियर पावर प्लांट और खुशाब प्लूटोनियम रिएक्टर पर हैं. अगर उसकी मिसाइलों की बात करें तो हत्फ-7 900 किमी और शाहीन-वन 750 से1000 किमी रेंज तक मार कर सकती है.

फ्रांस की यूरोप को परमाणु घेरे में लेने की योजना

एक तरफ पाकिस्तान है तो दूसरी तरफ है यूरोप और रूस. यहां भी परमाणु खतरा मंडरा रहा है. इस बार पहल फ्रांस की तरफ से हुई है. फ्रांस पूरे यूरोप को परमाणु घेरे में लेने की योजना बना रहा है. फ्रांस का परमाणु कवच यूरोप को सुरक्षा देगा. इसके लिए यूरोप के कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भी कहा है कि वो यूरोप के देशों से परमाणु बम की तैनाती के लिए बात करने को पूरी तरह से तैयार हैं.

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