Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सीहोर में प्रशासनिक दावों की खुली पोल, उफनते नाले के बीच कमर तक पानी में जान जोखिम में डालकर निकली श... चिटफंड ठगी पर ED की बड़ी स्ट्राइक: विशाखापट्टनम और हैदराबाद में छापेमारी, ₹1.01 करोड़ कैश बरामद व 18... संसद में नीट पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर हंगामा: गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर अड़ा विपक्... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, राम मंदिर चोरी पर नुक्कड़ नाटक करने के मामले मे... दलीप ट्रॉफी 2026: वेस्ट जोन टीम में बड़ा बदलाव, सरफराज खान की जगह 25 साल के जय गोहिल को मिला मौका फरहान अख्तर का रणवीर सिंह पर तीखा तंज: 'डॉन 3' की शूटिंग से 1 महीने पहले एक्टर के पीछे हटने पर बयां ... रूस की सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी 'याब्लोको' चुनाव... प्राइमरी मार्केट में कमाई का महा-कुंभ: 30 सितंबर की SEBI डेडलाइन से पहले ₹45,000 करोड़ के IPO लाने क... होटल का Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान! माइक्रोसॉफ्ट ने 'कैप्टिवक्रंच' साइबर अटैक को लेकर... नाग पंचमी 2026: सावन सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग! जानें नाग देवता की पूजा की परंपरा और कथा

तनाव के बीच Students को लेकर सख्त आदेश जारी, पढ़ें पूरी Detail

33

लुधियाना: पंजाब में गरमाए माहौल के बीच बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी कॉलेज बच्चों को कैंपस छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगा और विद्यार्थी कैपस में रहना चाहते उन्हें वहां रहने दिया जाएगा। इसके साथ ही कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों के रहने, खाने-पीने और जरूरत की चीजों को उपलब्ध करवाना प्रबंधकों की जिम्मेदारी होगी। वहीं कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

इसके साथ ही कहा गया है कि जो विद्यार्थी अपने घरों को लौट गए हैं उनसे किसी भी तरह का कोई जुर्माना नहीं लिया जाएगा। वहीं एक हैल्प डेस्क बनाने के लिए भी कहा गया है जो विद्यार्थियों की परेशानियों और समस्याओं का हल करेगा।

PunjabKesari

वहीं इसे लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ”मौजूदा स्थिति को देखते हुए, राज्य भर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा, परिवहन या व्यक्तिगत कारणों से असमर्थ या अनिच्छुक होने पर किसी भी छात्र को परिसर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। संस्थानों को अंतिम छात्र के रहने तक भोजन, आश्रय और देखभाल प्रदान करनी चाहिए। परीक्षाएं छात्रों को रुकने के लिए मजबूर करने का कारण नहीं होनी चाहिए। घर लौटने वालों के लिए कोई शैक्षणिक दंड नहीं होना चाहिए – पुनर्निर्धारण या विकल्प प्रदान किए जाने चाहिए।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.