लकड़ी का तकिया, जमीन ही बेड, उबला खाना…128 साल तक NO बीमारी; बाबा शिवानंद का डेली रुटीन ही था लंबी उम्र का राज
योग गुरु पद्मश्री शिवानंद बाबा का 128 साल की उम्र में शनिवार की रात उत्तर प्रदेश के वाराणसी में निधन हो गया. निधन के बाद देर रात उनका शव दुर्गाकुंड स्थित आश्रम पर लाया गया. आज उनका अंतिम संस्कार हरिश्चन्द्र घाट पर किया जाएगा. बाबा शिवानंद संयम के पर्याय थे. शिवानंद बाबा ने जिंदगीभर कभी भरपेट खाना नहीं खाया और वह हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में ही सोकर उठ जाते थे.
126 साल की उम्र में जब वो पद्मश्री अवार्ड लेने पहुंचे तो नंदी मुद्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का अभिवादन किया. इतनी उम्र में भी उनकी चुस्ती फुर्ती देखते ही बनती थी. वह दुर्गाकुण्ड स्थित अपने आश्रम की तीसरी मंजिल पर रहते थे, जहां वह कई बार सीढ़ियों से ऊपर नीचे बिना किसी सहारे के आते-जाते थे. उन्होंने प्रयागराज में आयोजित हुए महाकुंभ में भी अपना शिविर लगाया था और संगम में स्नान किया था.
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