दिल्ली के द्वारका कोर्ट में महिला जज को धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद दोषी और उसके वकील ने खुले कोर्ट में महिला जज को धमकी और गालियां दी हैं. दोषी अपने पक्ष में फैसला कराना चाहता था. इसके लिए उसने अपने वकील को भी निर्देश दिए थे. इस बीच आरोपी पर जज के ऊपर सामान फेंकने का भी आरोप है. कोर्ट के 2 अप्रैल के आदेश में महिला जज ने घटना को दर्ज किया है.
आरोपी 63 साल का रिटायर्ड सरकारी टीचर राज सिंह है. वह चेक बाउंस मामले में दोषी पाया गया है. द्वारका कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट) शिवांगी मंगला ने उसे दोषी ठहराया था. उसे अगले सुनवाई की तारीख पर धारा 437ए सीआरपीसी के तहत जमानत बांड भरने का निर्देश दिया. इसके बाद आरोपी और उसके वकील पर महिला जज को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. जज ने कहा है कि वह महिला आयोग में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेंगी.
मिली धमकी- तू है क्या चीज, बाहर मिल…”
कोर्ट के 2 अप्रैल के आदेश में दर्ज है कि आरोपी राज सिंह ने महिला जज शिवांगी मंगला से कहा, तू है क्या चीज बाहर मिल, देखते हूं कैसे जिंदा घर जाती है. जज शिवांगी मंगला ने अपने आदश में लिखा है कि वह आरोपी के खिलाफ महिला आयोग दिल्ली में शिकायत दर्ज करेंगी. उन्होंने लिखा है कि “मैं हर परिस्थिति में न्याय के पक्ष में खड़ी हूं और आरोपी द्वारा दी गई धमकी और उत्पीड़न के खिलाफ उचित कदम उठाऊंगी.”
वकील को दिया कारण बताओ नोटिस
जज शिवांगी मंगला ने अपने आदेश में लिखा है कि दोषी ठहराए जाने के बाद, आरोपी और उसके वकील ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया. उन्होंने उनसे अपने पद से इस्तीफा देने का दबाव भी डाला. आरोपियों ने जज को धमकी दी कि वे उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे और जबरन उनका इस्तीफा लेंगे. जज ने दोषी के वकील अतुल कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
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