मध्य प्रदेश के भोपाल में एक महिला ने चूहे मारने की दवाई खी ली, जिसके बाद उनकी मौत हो गई, लेकिन महिला ने आत्महत्या नहीं की. बल्कि गलती से ये दवाई खाई. महिला आर्थराइटिस से पीड़ित थी, जिन्हें आधी रात में बदन में तेज दर्द उठा. महिला को इतना तेज दर्द उठा था कि वह दवाई नहीं देख पाईं और दवाई की जगह गलती से चूहे मारने की दवाई खा ली. इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई.
ये मामला भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र के संजय नगर से सामने आया है, जहां रहने वाली सरजू पाटीदार लंबे समय से गठिया वात (Arthritis) से पीड़ित थीं. गुरुवार की आधी रात उन्हें बहुत तेज दर्द उठा. उन्होंने जल्दी में अंधेरे में ही दवाई की जगह चूहे मारने की दवाई खा ली. इसके बाद उन्हें खूब उल्टियां लग गईं और धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई.
चूहे मारने की दवा खा ली
सरजू पाटीदार गठिया वात से लंबे समय से परेशान थीं. उन्होंने कई बड़े शहरों में अपना इलाज करवाया, लेकिन उन्हें आराम नहीं मिला. पिछले दिनों उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया था, जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें गठिया वात की दवाई खाने से भी मना कर दिया था. इसी बीच 20-21 मार्च की रात करीब 3:00 बजे उन्हें अचानक तेज दर्द उठा तो उन्होंने अंधेरे में दवाई की जगह चूहे मारने की दवा खा ली.
दो दिन चला अस्पताल में इलाज
इसके बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ी तो परिजन उन्हें एम्स लेकर पहुंचे. अस्पताल में महिला का दो दिन इलाज चला, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सकता और दो दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. डॉक्टर्स ने शुरुआती जांच में ही सरजू पाटीदार के शरीर में जहर होना पाया था. जब तक महिला होश में थी. उन्होंने पुलिस को बयान दिया था, जिसमें उन्होंने पूरी घटना के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने पुलिस को बताया कि अचानक तेज दर्द उठा तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया. अंधेरा भी था तो दवाई समझकर थोड़ी दूर रखी चूहे मार दवा उठाकर खा ली.
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